नई दिल्ली में युवा लेखकों के लिए संवाद कार्यक्रम का आयोजन
नई दिल्ली में इंद्रप्रस्थ साहित्य भारती और सुरुचि प्रकाशन द्वारा आयोजित युवा लेखकों के संवाद कार्यक्रम में लेखन और अध्ययन की आवश्यकता पर जोर दिया गया। मुख्य वक्ता मनोज कुमार ने युवाओं को प्रेरित किया कि वे अध्ययन करें और अपने लेखन में राष्ट्रीय चिंतन को शामिल करें। कार्यक्रम में युवा लेखकों ने अपने विचार साझा किए और प्रश्न पूछे। इस कार्यक्रम ने युवा लेखकों की प्रतिभा को उजागर करने का एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान किया।
Jan 10, 2026, 20:07 IST
युवा लेखकों के संवाद कार्यक्रम का आयोजन
नई दिल्ली में इंद्रप्रस्थ साहित्य भारती और सुरुचि प्रकाशन के सहयोग से विश्व पुस्तक मेले में युवा लेखकों के लिए एक संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य वक्ता अखिल भारतीय साहित्य परिषद के राष्ट्रीय संगठन मंत्री मनोज कुमार थे, जबकि अध्यक्षता इंद्रप्रस्थ साहित्य भारती के प्रदेश अध्यक्ष विनोद बब्बर ने की। मनोज कुमार ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि लेखन के लिए गहन अध्ययन की आवश्यकता होती है। उन्होंने बताया कि बिना अध्ययन और चिंतन के लेखन में गहराई नहीं आ पाती। उन्होंने युवाओं को प्रेरित किया कि वे अध्ययन करें और उसके बाद लेखन करें, साथ ही अपने लेखन में राष्ट्रीय चिंतन को शामिल करें।
मनोज कुमार ने यह भी बताया कि अखिल भारतीय साहित्य परिषद देश की सबसे बड़ी साहित्यिक संस्था है, जो पूरे देश में सक्रिय है। यह संस्था युवा लेखकों को न केवल प्रोत्साहित करती है, बल्कि उनके लेखन कौशल को प्रकाशित करने का भी कार्य करती है। कार्यक्रम में विनोद बब्बर ने कहा कि आज के युवाओं की साहित्यिक प्रतिभा सोशल मीडिया पर स्पष्ट रूप से देखी जा सकती है। हमारे देश के युवा साहित्य के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर रहे हैं, और उनकी प्रतिभा को विश्व स्तर पर मान्यता मिल रही है।
इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में युवा लेखकों ने अपने विचार साझा किए और अपनी जिज्ञासाओं के समाधान के लिए प्रश्न पूछे। कार्यक्रम में युवा लेखक और साहित्य प्रेमी भी शामिल हुए। कार्यक्रम का संचालन अखिल भारतीय साहित्य परिषद के राष्ट्रीय कार्यालय मंत्री संजीव सिन्हा ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन इंद्रप्रस्थ साहित्य भारती के प्रदेश मंत्री राकेश कुमार ने दिया।