धर्म के नाम पर चल रहे आश्रम में नकली नोटों का बड़ा खुलासा
पुलिस की छापेमारी से हुआ बड़ा खुलासा
एक आश्रम में, जो धर्म और योग के नाम पर चल रहा था, पुलिस ने छापेमारी की और एक बड़ा खुलासा किया। इस आश्रम के भीतर नकली नोट बनाने का एक पूरा कारखाना चल रहा था, जबकि बाहर यह साधना और धार्मिक गतिविधियों का केंद्र प्रतीत होता था। पुलिस ने छापे के दौरान करोड़ों रुपये की नकली मुद्रा, प्रिंटिंग मशीन और कई संदिग्ध उपकरण बरामद किए हैं। इस मामले में कई व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है।
संदिग्ध गतिविधियों की मिली थी सूचना
पुलिस के अनुसार, उन्हें लंबे समय से इस आश्रम में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिल रही थी। स्थानीय निवासियों ने भी रात के समय अजीब आवाजें और संदिग्ध व्यक्तियों की आवाजाही की शिकायत की थी। इसके बाद, पुलिस और जांच एजेंसियों ने गुप्त निगरानी शुरू की और पुख्ता जानकारी मिलने पर छापेमारी की।
नकली नोटों की बड़ी खेप बरामद
छापे के दौरान, पुलिस को आश्रम के अंदर एक कमरा मिला, जिसमें उच्च गुणवत्ता वाले प्रिंटर, विशेष कागज, स्याही और नकली नोटों की बड़ी खेप रखी हुई थी। जांच में यह सामने आया कि यहां बड़े पैमाने पर 500 और 2000 रुपये के नकली नोट छापे जा रहे थे। बरामद नकली नोटों की कुल कीमत करोड़ों रुपये आंकी जा रही है।
बड़ा नेटवर्क हो सकता है शामिल
जांच अधिकारियों का मानना है कि यह कोई साधारण गिरोह नहीं है, बल्कि एक बड़ा नेटवर्क हो सकता है, जो विभिन्न राज्यों में नकली नोटों की आपूर्ति करता था। आश्रम का उपयोग पुलिस से बचने के लिए किया जा रहा था, ताकि किसी को संदेह न हो। बाहर लगे धर्म-योग के बोर्ड के कारण लोग इसे सामान्य धार्मिक स्थान समझते थे।
आसपास के क्षेत्र में सनसनी
पुलिस ने आश्रम से जुड़े कई व्यक्तियों को हिरासत में लिया है, जिनमें प्रबंधन से जुड़े लोग भी शामिल हैं। मुख्य आरोपी की तलाश जारी है और संभावना है कि इस मामले में और भी लोगों के नाम सामने आ सकते हैं।
इस घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें कभी शक नहीं हुआ कि धर्म और योग के नाम पर चल रहा यह आश्रम इतने बड़े फर्जीवाड़े का केंद्र होगा।
जांच एजेंसियों की कार्रवाई
जांच एजेंसियों ने कहा है कि नकली नोटों का यह नेटवर्क कितना बड़ा है, इसका पता लगाने के लिए कई राज्यों में छापेमारी की जा सकती है। फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले को गंभीर आर्थिक अपराध मानते हुए हर पहलू से जांच कर रही है।