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धनबाद में प्रिन्स खान गैंग का भंडाफोड़: प्रमुख सदस्य गिरफ्तार

धनबाद में प्रिन्स खान गैंग के प्रमुख सदस्य सैयद अब्बास नकवी की गिरफ्तारी के बाद कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पुलिस ने बताया कि नकवी ने रंगदारी, गोलीबारी और बमबाजी जैसी गतिविधियों में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। इसके अलावा, गैंग के अन्य सदस्यों और उनके वित्तीय नेटवर्क की जांच जारी है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और क्या खुलासे हुए हैं।
 

प्रिन्स खान गैंग का खुलासा


धनबाद में आतंक और रंगदारी का पर्याय बन चुके कुख्यात अपराधी प्रिन्स खान गैंग के बारे में पुलिस ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। गैंग के एक प्रमुख सदस्य, सैयद अब्बास नकवी, जिसे सैफी और मेजर के नाम से भी जाना जाता है, को कोलकाता एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया। उसे धनबाद लाया गया, जहां पूछताछ में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।


धनबाद के एसएसपी प्रभात कुमार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि सैयद अब्बास नकवी, जो प्रिन्स खान गैंग का एक महत्वपूर्ण सदस्य है, पिछले कई वर्षों से रंगदारी, गोलीबारी और बमबाजी जैसी आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है। पूछताछ के दौरान, उसने लगभग तीन दर्जन मामलों में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। उसने यह भी बताया कि वह गैंग के लिए तकनीकी और वित्तीय प्रबंधन का कार्य करता था, जिसमें वर्चुअल नंबर उपलब्ध कराना, धमकी भरे कॉल करना और रंगदारी की रकम को हवाला, बैंक ट्रांसफर और बिटकॉइन के माध्यम से प्रिन्स खान तक पहुंचाना शामिल है।


पूछताछ में यह भी सामने आया कि प्रिन्स खान, पुलिस के दबाव के कारण, दुबई से भागकर पाकिस्तान में छिपा हुआ है और वह प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ चुका है। मेजर ने बताया कि गैंग में दरार आ गई थी और पाकिस्तान जाने को लेकर मतभेद के कारण उसे गैंग से बाहर कर दिया गया था।


मेजर ने कई बड़े आपराधिक मामलों का भी खुलासा किया है, जिनमें रंजीत सिंह हत्याकांड, नन्हें खान की हत्या, उपेंद्र सिंह मर्डर केस और कई व्यवसायियों पर गोलीबारी और बमबाजी की घटनाएं शामिल हैं। 2023 में उपेंद्र सिंह की हत्या उसकी पत्नी ने एक साजिश के तहत प्रिंस खान की मदद से कराई थी।


इसके अलावा, उसने बताया कि गैंग ने रंगदारी की रकम के लेनदेन के लिए 100 से अधिक बैंक खातों का इस्तेमाल किया। यह भी चौंकाने वाला है कि गैंग ने दहशत फैलाने के लिए कुछ मीडिया से जुड़े लोगों का सहारा लिया।


एसएसपी प्रभात कुमार ने कहा कि पूछताछ में सैफी ने बताया कि प्रिन्स खान नशीली दवाओं का आदी है और वह नशे में रहता है। सैफी के अनुसार, उसके अलग होने के बाद प्रिन्स खान के गैंग का संचालन उसके भाई गोपी खान और अन्य रिश्तेदार कर रहे हैं।


एसएसपी ने व्यापारियों से अपील की है कि वे प्रिन्स खान को पैसे भेजना बंद करें, क्योंकि ऐसा करना आतंकवादी को आर्थिक सहायता पहुंचाने के समान है।


पुलिस इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और प्रिन्स खान गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश में छापेमारी जारी है।