धनबाद में प्रिन्स खान गैंग का बड़ा खुलासा: गिरफ्तार सदस्य ने किए चौंकाने वाले खुलासे
प्रिन्स खान गैंग का पर्दाफाश
धनबाद में आतंक और रंगदारी के लिए कुख्यात प्रिन्स खान गैंग के बारे में पुलिस ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है। गैंग के एक प्रमुख सदस्य सैयद अब्बास नकवी, जिसे सैफी और मेजर के नाम से भी जाना जाता है, को कोलकाता एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।
धनबाद के एसएसपी प्रभात कुमार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि सैयद अब्बास नकवी, जो पिछले कई वर्षों से रंगदारी, गोलीबारी और बमबाजी जैसी गतिविधियों में शामिल था, ने लगभग तीन दर्जन मामलों में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। उसने बताया कि वह गैंग के लिए तकनीकी और वित्तीय प्रबंधन का काम करता था, जिसमें वर्चुअल नंबर उपलब्ध कराना और रंगदारी की रकम को हवाला, बैंक ट्रांसफर और बिटकॉइन के माध्यम से प्रिन्स खान तक पहुंचाना शामिल था।
पूछताछ में यह भी पता चला कि प्रिन्स खान, पुलिस के दबाव के कारण, दुबई से भागकर पाकिस्तान में छिपा हुआ है और वह प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ चुका है। मेजर ने बताया कि गैंग में दरार आ गई थी और उसे गैंग से अलग कर दिया गया था।
मेजर ने कई गंभीर आपराधिक मामलों का भी खुलासा किया, जिनमें रंजीत सिंह और नन्हें खान की हत्या शामिल हैं। 2023 में उपेंद्र सिंह की हत्या उसकी पत्नी ने प्रिन्स खान की मदद से की थी।
इसके अलावा, उसने बताया कि गैंग ने रंगदारी के लेनदेन के लिए 100 से अधिक बैंक खातों का इस्तेमाल किया। यह भी सामने आया कि गैंग ने दहशत फैलाने के लिए कुछ मीडिया से जुड़े लोगों का सहारा लिया।
एसएसपी प्रभात कुमार ने कहा कि सैफी ने बताया कि प्रिन्स खान नशीली दवाओं का आदी है। उसके गैंग का संचालन उसके भाई गोपी खान और अन्य रिश्तेदार कर रहे हैं। सैफी के अनुसार, कुछ समय पहले तक धनबाद से लगभग 1 करोड़ रुपये हर महीने रंगदारी वसूली जा रही थी, जो अब काफी कम हो गई है।
एसएसपी ने व्यापारियों से अपील की कि वे प्रिन्स खान को पैसे भेजना बंद करें, क्योंकि ऐसा करना आतंकवादी को आर्थिक सहायता पहुंचाने के समान है।
पुलिस इस पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है और प्रिन्स खान गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश में छापेमारी जारी है।