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दौसा में भीषण सड़क हादसे में 8 लोगों की जान गई, कई घायल

राजस्थान के दौसा जिले में एक भीषण सड़क हादसे में 8 लोगों की जान चली गई, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। यह दुर्घटना एक निजी बस और ट्रेलर के बीच टक्कर के कारण हुई, जिसके बाद बस में आग लग गई। स्थानीय लोगों ने राहत कार्य शुरू किया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया। क्षेत्रीय विधायक ने इमरजेंसी गेट के न खुलने और बस में रखे सामान की जांच की मांग की है। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
 

दौसा में सड़क दुर्घटना


राजस्थान के दौसा जिले में बुधवार सुबह एक गंभीर सड़क दुर्घटना में 8 व्यक्तियों की मृत्यु हो गई, जबकि कई अन्य यात्री घायल हुए हैं। यह हादसा तब हुआ जब एक निजी बस एक ट्रेलर से टकरा गई। टक्कर के तुरंत बाद बस में आग लग गई, जिससे आग ने तेजी से पूरे वाहन को अपनी चपेट में ले लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि कई यात्रियों को बाहर निकलने का समय नहीं मिला। मृतकों में से 6 लोग बस के अंदर ही जिंदा जल गए।


घटना के बाद, स्थानीय निवासियों ने राहत और बचाव कार्य शुरू किया और पुलिस तथा दमकल विभाग को सूचित किया। दमकल की टीम ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाने में काफी मेहनत की। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां कुछ की स्थिति गंभीर बताई जा रही है।


हादसे के बाद क्षेत्रीय विधायक ने घटनास्थल का दौरा किया और कहा कि बस का इमरजेंसी गेट नहीं खुला, जिससे कई यात्री समय पर बाहर नहीं निकल सके। विधायक ने यह भी बताया कि बस की डिक्की में बड़ी संख्या में सिगरेट के बॉक्स थे, जिससे आग फैलने की संभावना बढ़ गई। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है और प्रशासन मामले की जांच कर रहा है।


पुलिस और प्रशासन ने हादसे की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है, साथ ही यह भी कि इमरजेंसी गेट ने काम क्यों नहीं किया और बस में रखे सामान का आग फैलने में कोई योगदान था या नहीं। जांच रिपोर्ट आने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।


मुख्यमंत्री ने इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है और मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना जताई है। उन्होंने घायलों के उचित इलाज के निर्देश दिए हैं और जिला प्रशासन को राहत कार्य में किसी भी कमी को दूर करने के लिए कहा है। सरकार ने मृतकों के परिवारों को नियमानुसार आर्थिक सहायता देने की भी घोषणा की है।


यह हादसा एक बार फिर सार्वजनिक परिवहन में सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल उठाता है। यदि इमरजेंसी गेट वास्तव में काम नहीं कर रहा था, तो यह यात्रियों की सुरक्षा के लिए एक बड़ी लापरवाही हो सकती है। बस में रखे सामान और सुरक्षा नियमों के पालन की भी जांच की जा रही है। प्रशासन ने कहा है कि जांच पूरी होने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।