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देहरादून में विवाह के बाद उत्पीड़न का मामला: महिला ने दर्ज कराई शिकायत

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में एक विवाह के बाद उत्पीड़न का मामला सामने आया है। महिला ने अपने पति पर यौन उत्पीड़न और दहेज के लिए दबाव डालने के आरोप लगाए हैं। यह मामला उस समय चर्चा में आया जब महिला ने आत्महत्या का प्रयास किया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, और यह घटना वैवाहिक सहमति और घरेलू हिंसा पर गंभीर चर्चा का कारण बनी है।
 

शादी के बाद उत्पीड़न का मामला


फरवरी 2023 में उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में एक विवाह हुआ, जो बाद में एक आपराधिक मामले में तब्दील हो गया। 7 फरवरी को एक युवती ने देहरादून के एक युवक से शादी की, जिसमें दोनों परिवारों में खुशी का माहौल था। हालांकि, शादी की पहली रात से ही विवाद उत्पन्न हो गया।


महिला ने अपनी शिकायत में कहा कि सुहागरात की रात उसके पति ने यौन क्षमता बढ़ाने वाली दवा का सेवन किया और उसकी इच्छा के खिलाफ अप्राकृतिक संबंध बनाए। यह मामला शुरू में केवल परिवार के भीतर ही रहा। कुछ दिनों बाद, महिला अपने मायके चली गई, लेकिन वैवाहिक जीवन को संभालने के प्रयास में वह फिर से ससुराल लौट आई।


शिकायत के अनुसार, ससुराल लौटने के बाद भी स्थिति में सुधार नहीं हुआ। महिला ने आरोप लगाया कि उसके पति ने फिर से उसकी इच्छा के खिलाफ संबंध बनाए और जब उसने इसका विरोध किया, तो उसके साथ मारपीट की गई और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। उसने अपने पति, सास-ससुर और एक अन्य व्यक्ति पर दहेज के लिए दबाव बनाने का आरोप भी लगाया।


घटनाक्रम के अनुसार, शादी के लगभग 20 दिन बाद, 27 फरवरी 2023 को महिला ने आत्महत्या का प्रयास किया। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी जान बच गई। बाद में उसने आरोप लगाया कि उसे इस घटना के बारे में किसी को न बताने के लिए दबाव डाला गया था।


कुछ समय बाद, महिला ने पुलिस में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। देहरादून कोतवाली की पुलिस ने पति के खिलाफ जबरन अप्राकृतिक संबंध, मारपीट और अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया। साथ ही, सास-ससुर और अन्य पर दहेज उत्पीड़न के आरोपों की जांच शुरू की गई।


यह मामला 2023 में दर्ज एक आपराधिक प्रकरण था, जिसे देहरादून की क्राइम हिस्ट्री में उस शादी के रूप में याद किया जाएगा, जो सात फेरों से शुरू होकर कानूनी कार्रवाई तक पहुंच गई। आगे की सुनवाई और न्यायिक प्रक्रिया यह तय करेगी कि आरोप कितने सही हैं, लेकिन यह घटना वैवाहिक सहमति और घरेलू उत्पीड़न जैसे मुद्दों पर गंभीर चर्चा का कारण बनी।