देशभर में एटीएम में नकदी की कमी से लोग परेशान
एटीएम में नकदी की कमी की समस्या
भारत के विभिन्न राज्यों में एटीएम में नकदी की कमी की समस्या सामने आ रही है। एटीएम उद्योग संगठन CATMi ने भारतीय बैंक संघ और भारतीय रिजर्व बैंक को इस स्थिति के बारे में सूचित किया है। संगठन का कहना है कि कई एटीएम में पर्याप्त नकदी नहीं पहुंच रही है, जिससे सेवाओं में बाधा उत्पन्न हो रही है। विशेष रूप से ग्रामीण और उपनगरीय क्षेत्रों में लोगों को पैसे निकालने में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है, जिससे किसानों और छोटे व्यवसायियों की चिंताएं बढ़ गई हैं। महाराष्ट्र के कुछ जिलों में भी नकदी की कमी की समस्या देखी गई है.
नकदी की कमी का प्रभाव
देशभर में कई एटीएम में नकदी की कमी की शिकायतें बढ़ रही हैं। नागरिकों का कहना है कि कई मशीनें या तो खाली हैं या उनमें सीमित मात्रा में नकदी उपलब्ध है। उद्योग से जुड़े संगठनों का मानना है कि यह समस्या लगातार बढ़ती जा रही है और इसका असर आम लोगों के दैनिक लेनदेन पर पड़ सकता है.
नकदी की आवश्यकता और आपूर्ति
बिजनेस स्टैंडर्ड की एक रिपोर्ट के अनुसार, मार्च और अप्रैल के दौरान एटीएम नेटवर्क को कुल 94,000 करोड़ रुपये नकदी की आवश्यकता थी। लेकिन मार्च में केवल 61,000 करोड़ रुपये और अप्रैल में 54,000 करोड़ रुपये ही उपलब्ध हो सके। नकदी की आपूर्ति और मांग के बीच बढ़े इस अंतर के कारण कई क्षेत्रों में एटीएम प्रभावित हुए हैं.
महाराष्ट्र में स्थिति
महाराष्ट्र के हिंगोली, परभणी और मराठवाड़ा क्षेत्र के कई हिस्सों में एटीएम में नकदी की कमी की शिकायतें आई हैं। हिंगोली के वासमत शहर में एसबीआई और बैंक ऑफ इंडिया समेत कई एटीएम में नकदी उपलब्ध नहीं थी। वहीं परभणी में भी कई एटीएम नकदी खत्म होने के कारण बंद रहे, जिससे लोगों को काफी परेशानी हुई।
ग्रामीण इलाकों में नकदी की कमी का सबसे अधिक असर देखा जा रहा है। खरीफ सीजन की बुवाई शुरू होने से पहले किसानों को नकदी की आवश्यकता होती है, लेकिन कई जगहों पर उन्हें एटीएम से पैसा नहीं मिल पा रहा है। इससे खेती से जुड़े कामकाज और स्थानीय कारोबार प्रभावित हो रहे हैं.
उद्योग संगठन की चिंता
CATMi ने भारतीय बैंक संघ को एक पत्र लिखकर कहा है कि कई राज्यों में बैंक शाखाओं और एटीएम तक पर्याप्त नकदी नहीं पहुंच रही है। संगठन ने ग्रामीण और उपनगरीय क्षेत्रों में नकदी आपूर्ति की व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की है। रिपोर्ट के अनुसार, CATMi ने इस मुद्दे की जानकारी आरबीआई के मुद्रा प्रबंधन विभाग को भी दी है.