देशभर में ईंधन की कमी की अफवाहों से हड़कंप, सरकार ने दी सफाई
ईंधन की कमी की अफवाहों का असर
हाल के दिनों में ईंधन की कमी की खबरों ने पूरे देश में हलचल मचा दी है। गुरुवार को विभिन्न स्थानों पर पेट्रोल पंपों और एलपीजी वितरण केंद्रों के बाहर उपभोक्ताओं की लंबी कतारें देखी गईं। यह स्थिति न केवल आम जनता के लिए चिंता का विषय बनी है, बल्कि रेस्तरां, स्कूल और कैटरिंग सेवाओं पर भी नकारात्मक प्रभाव डालने लगी है। हालांकि, सरकार ने संसद में स्पष्ट किया है कि पश्चिम एशिया संकट के बावजूद पेट्रोल, डीजल और केरोसिन की कोई कमी नहीं है और यह समय अफवाहें फैलाने का नहीं है। उत्तराखंड सरकार ने अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को प्राथमिकता के आधार पर वाणिज्यिक गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है और आवश्यकता पड़ने पर लकड़ी उपलब्ध कराने की तैयारी भी की जा रही है।
सरकार का संदेश: 'कोई कमी नहीं, चिंता न करें'
भोजनालयों और त्वरित सेवा रेस्तरां श्रृंखलाओं में वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की कमी के कारण चिंता बढ़ गई है। कई स्थानों पर रेस्तरां को अपने कामकाज को सीमित करना पड़ा है। 'तमिलनाडु होटल्स एसोसिएशन' के अनुसार, राज्य में छोटे और मध्यम रेस्तरां बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। चेन्नई के कई प्रतिष्ठित भोजनालयों ने गैस की बचत के लिए डोसा और 'फ्राइड राइस' जैसे अधिक गैस खपत वाले व्यंजन परोसना बंद कर दिया है।
व्यावसायिक क्षेत्र पर संकट
दिल्ली के एक रेस्तरां के मालिक ने कहा, "सिलेंडर की कमी है। दोगुनी कीमत पर भी सिलेंडर नहीं मिल रहा है।" उन्होंने बताया कि उनके रेस्तरां को रोजाना कम से कम तीन सिलेंडरों की आवश्यकता होती है। पश्चिम बंगाल में, अधिकारियों ने कहा कि रसोई गैस सिलेंडर की कमी का असर स्कूलों में मध्याह्न भोजन योजना पर भी पड़ने लगा है। कुछ स्थानों पर लकड़ी जैसे वैकल्पिक ईंधन का उपयोग किया जा रहा है। असम पुलिस ने एलपीजी और अन्य ईंधनों की कमी की अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।
सरकार की कार्रवाई
एक दिन पहले मुख्य सचिव ने कहा था कि राज्य की स्थानीय रिफाइनरी रसोई गैस की कुल मांग का केवल लगभग 30 प्रतिशत ही पूरा कर पाती हैं। सरकार ने अफवाहों और गलत सूचनाओं पर नजर रखने के लिए एक मीडिया निगरानी समिति भी बनाई है। ईंधन की कमी के डर से लोग घबराकर खरीदारी कर रहे हैं और गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी के आरोप लग रहे हैं। राष्ट्रीय राजधानी में पुलिस अधिकारियों को गैस एजेंसियों की सूची तैयार करने और एलपीजी आपूर्ति की स्थिति पर नजर रखने के लिए कर्मियों की तैनाती करने का निर्देश दिया गया है।
राज्य सरकारों की स्थिति
तेलंगाना के नागरिक आपूर्ति मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने एलपीजी आपूर्ति की स्थिति का जायजा लेने के लिए बैठक बुलाई है। उन्होंने बताया कि घरेलू एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति में कोई समस्या नहीं है। ओडिशा में, राज्य सरकार ने स्पष्ट किया कि एलपीजी, पेट्रोल या डीजल की कोई कमी नहीं है। हरियाणा में भी खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति राज्य मंत्री ने कहा कि राज्य में सभी पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति सामान्य है।
खानपान सेवाओं पर प्रभाव
पुडुचेरी के एक प्रमुख खानपान सेवा प्रदाता ने बताया कि वे छोटे समारोहों के ऑर्डर नहीं ले रहे हैं क्योंकि बड़े आयोजनों को प्राथमिकता दी जा रही है। दिल्ली में विवाह समारोहों के आयोजकों ने चेतावनी दी है कि यदि वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति में बाधा और कीमतों में बढ़ोतरी जारी रही, तो खानपान लागत में 10 से 20 प्रतिशत तक वृद्धि हो सकती है।