देवेगौड़ा ने LPG संकट पर लोगों को दी सलाह, सरकार की स्थिति स्पष्ट
LPG की कमी पर पूर्व प्रधानमंत्री का बयान
पूर्व प्रधानमंत्री और राज्यसभा सांसद एच.डी. देवेगौड़ा ने एलपीजी की कमी से संबंधित चिंताओं पर लोगों से घबराने से मना किया है। उन्होंने बताया कि वैश्विक तनावों के कारण ऊर्जा की आपूर्ति प्रभावित हो रही है, लेकिन सरकार स्थिति पर ध्यान दे रही है। ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच चल रहे संघर्ष के कारण एलपीजी सिलेंडर की उपलब्धता पर राजनीतिक चर्चाएं बढ़ गई हैं।
देवेगौड़ा ने मीडिया से बातचीत में स्वीकार किया कि भू-राजनीतिक हालात ने आपूर्ति पर कुछ दबाव डाला है, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने स्थिति को स्पष्ट कर दिया है।
विपक्ष की आलोचना पर प्रतिक्रिया
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे संघर्षों के कारण घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। थोड़ी कमी हो सकती है, लेकिन विपक्ष के आरोपों के विपरीत, सरकार इस मामले में पूरी तरह से स्पष्ट है। देवेगौड़ा ने यह भी कहा कि विपक्ष हर मुद्दे को सरकार की गलतियों के लिए इस्तेमाल करना चाहता है, चाहे उसमें सच्चाई हो या न हो।
शिवसेना सांसद का समर्थन
शिवसेना के सांसद मिलिंद देवरा ने भी इसी तरह की राय व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जनता को शांत रहना चाहिए क्योंकि सरकार वैकल्पिक ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने में सक्षम है। देवरा ने कहा कि भारत सरकार अन्य स्रोतों से प्राकृतिक गैस खरीदने की योजना बना रही है। कुछ लोग देश में दहशत का माहौल बनाना चाहते हैं, जो दुर्भाग्यपूर्ण है।
लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) के सांसद अरुण भारती ने कहा कि केंद्र सरकार ने पहले ही संसद को आश्वस्त किया है कि स्थिति नियंत्रण में है।
सरकार की स्थिति पर विश्वास
उन्होंने बताया कि सरकार ने अपने पेट्रोलियम मंत्री और आवश्यक वस्तु अधिनियम के माध्यम से आश्वासन दिया है कि स्थिति पर नजर रखी जा रही है और हर उपलब्ध संसाधन का ध्यान रखा जा रहा है ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। विपक्ष पर संकट पैदा करने का आरोप लगाते हुए भाजपा सांसद के. सुधाकर ने कहा कि भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद भारत की ऊर्जा सुरक्षा स्थिर है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नेतृत्व क्षमता पर विश्वास जताया और कहा कि हमें भरोसा है कि भारत को एलपीजी की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा।