दुल्हन ने शादी की रस्म में ‘बेटा’ कहने से किया इनकार, वीडियो ने जीता दिल
नवविवाहित दुल्हन का साहसिक कदम
सूक्ष्म नारीवाद का उदाहरण: हाल ही में एक शादी की रस्म का एक छोटा सा हिस्सा सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। एक नवविवाहित दुल्हन ने पारंपरिक रस्म को जिस आत्मविश्वास और सरलता से चुनौती दी है, उसकी प्रशंसा हर जगह हो रही है। लोग इस बदलाव की आवश्यकता पर जोर दे रहे हैं।
इस वायरल वीडियो में एक पारंपरिक रस्म के दौरान दुल्हन की गोद में एक बच्चा रखा जाता है। रस्म के अनुसार, जब दुल्हन से पूछा जाता है कि वह गोद में किसके साथ खेल रही है, तो उससे अपेक्षा की जाती है कि वह 'बेटा' कहे, जो वंश का प्रतीक है।
हालांकि, दुल्हन ने इस परंपरा को नकारते हुए जब उसे फिर से वही सवाल पूछा गया, तो उसने शांतिपूर्वक उत्तर दिया, 'बेटा नहीं, बस एक बच्चा।' इस छोटे से उत्तर ने जेंडर समानता का एक नया उदाहरण प्रस्तुत किया है।
कमेंट सेक्शन में प्रतिक्रियाएं
‘सूक्ष्म नारीवाद’ की गूंज
कृतिका बेदवाल नाम की दुल्हन ने यह वीडियो अपने इंस्टाग्राम पर साझा किया है, जिसे अब तक 1.1 करोड़ से अधिक लोग देख चुके हैं। नेटिजन्स इसे 'सूक्ष्म नारीवाद' का एक बेहतरीन उदाहरण मान रहे हैं। उनका मानना है कि पितृसत्तात्मक समाज में 'बेटा' मांगने की परंपरा के बीच 'बच्चा' कहना एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक बदलाव है।
बेटे के मोह की कड़वी सच्चाई
वीडियो के वायरल होते ही कमेंट सेक्शन में अनुभवों की बाढ़ आ गई है। एक यूजर ने लिखा कि उनकी गोद भराई में उनकी सास ने उनकी भाभी को केवल इसलिए रस्म से हटा दिया क्योंकि उनके दो बेटियां थीं। यह अपमानजनक था, जिसके बाद उन्होंने संतान न करने का निर्णय लिया।
पूर्व सेना अधिकारी खुशबू पाटनी ने भी इस पर प्रतिक्रिया दी, उन्होंने समाज की विडंबना पर कटाक्ष करते हुए लिखा कि इतने सब कुछ मिलने के बाद भी बेटा पूछता है, 'मुझे क्या मिला?' लोग इस वीडियो पर लगातार अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।