दीपिंदर गोयल का TEMPLE डिवाइस: डॉक्टरों के सवालों का जवाब
TEMPLE डिवाइस पर उठे सवाल
जोमैटो के सह-संस्थापक दीपिंदर गोयल का नया वियरेबल डिवाइस TEMPLE इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। यह डिवाइस माथे की कनपटी पर लगाया जाता है, लेकिन कई चिकित्सकों ने इसकी तकनीक और वैज्ञानिक दावों पर सवाल उठाए हैं। कुछ ने इसे स्कैम भी करार दिया है। गोयल ने इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा है कि TEMPLE कोई धोखा नहीं है।
डॉक्टरों के सवालों का गोयल का उत्तर
दीपिंदर गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के माध्यम से भारतीय डॉक्टरों को संबोधित किया। उन्होंने TEMPLE के संबंध में उठाए गए सवालों का उत्तर देते हुए कहा कि उनकी कंपनी अपने वैज्ञानिक दावों पर विश्वास करती है। गोयल ने बताया कि इस डिवाइस के विकास में लगभग 30 मिलियन डॉलर का खर्च आया है, जिसमें से 20 मिलियन डॉलर उन्होंने अपनी निजी पूंजी से लगाए हैं।
रिटर्न पॉलिसी का उल्लेख
TEMPLE को स्कैम कहे जाने के आरोपों का जवाब देते हुए गोयल ने इसकी 14 दिन की रिटर्न पॉलिसी का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यदि डिवाइस अपने दावों पर खरा नहीं उतरता है, तो ग्राहक इसे वापस कर सकते हैं।
TEMPLE डिवाइस की विशेषताएँ
TEMPLE एक छोटा, गोली के आकार का वियरेबल डिवाइस है, जिसे कनपटी के पास माथे पर लगाया जाता है। कंपनी का दावा है कि यह मस्तिष्क में रक्त प्रवाह और शरीर में होने वाले कुछ परिवर्तनों की निगरानी करने में मदद करता है।
डॉक्टरों की आलोचना
डॉक्टरों की आलोचना मुख्य रूप से TEMPLE के वैज्ञानिक दावों पर केंद्रित है। उनका कहना है कि किसी भी स्वास्थ्य या वेलनेस डिवाइस के दावों को स्वीकार करने से पहले उसके वैज्ञानिक प्रमाणों और स्वतंत्र परीक्षणों की आवश्यकता होती है।
स्वतंत्र अध्ययन की आवश्यकता
गोयल ने अपने उत्तर में कहा कि उनकी कंपनी अपने वैज्ञानिक दावों को लेकर गंभीर है और भविष्य में स्वतंत्र अध्ययन और वैज्ञानिक मान्यता प्रस्तुत की जाएगी। उन्होंने अन्य वियरेबल ब्रांड्स का उदाहरण देते हुए कहा कि कई कंपनियों ने अपने उत्पादों के लॉन्च के बाद वैज्ञानिक अध्ययन प्रकाशित किए हैं।
TEMPLE का भविष्य
हालांकि, TEMPLE को लेकर विवाद अभी समाप्त नहीं हुआ है। दीपिंदर गोयल अपने डिवाइस और उसकी तकनीक का बचाव कर रहे हैं, जबकि डॉक्टर इसके वैज्ञानिक प्रमाणों पर सवाल उठा रहे हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि TEMPLE के लॉन्च और स्वतंत्र वैज्ञानिक अध्ययनों के बाद इस डिवाइस की वास्तविक उपयोगिता और दावों को लेकर स्थिति कितनी स्पष्ट होती है।