दिल्ली हाई कोर्ट ने नागा चैतन्य के पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए उठाया कदम
नागा चैतन्य के पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा
दिल्ली उच्च न्यायालय ने तेलुगु अभिनेता नागा चैतन्य के व्यक्तित्व अधिकारों की रक्षा के लिए हस्तक्षेप किया है। अदालत ने अज्ञात आरोपियों को समन जारी किया और संकेत दिया कि जल्द ही एक अंतरिम आदेश भी जारी किया जाएगा। यह कार्रवाई तब की गई जब अदालत को बताया गया कि डिजिटल प्लेटफार्मों पर उनकी पहचान, तस्वीर और नाम का बड़े पैमाने पर गलत और बिना अनुमति उपयोग किया जा रहा है।
शुक्रवार को हुई सुनवाई में दायर याचिका में आरोप लगाया गया कि कई व्यक्तियों और संस्थाओं ने नागा चैतन्य की पहचान का बिना अनुमति बड़े पैमाने पर गलत उपयोग किया है। याचिका में कहा गया है कि उनकी तस्वीर और नाम का उपयोग अश्लील वेबसाइटों, एआई द्वारा निर्मित सामग्री, डीपफेक वीडियो, मानहानिकारक सामग्री और व्यावसायिक लाभ के लिए बिना अनुमति के किया जा रहा है।
अदालत को कई उदाहरण दिखाए गए, जिनमें कुछ वेबसाइटें लोगों को आकर्षित करने और ट्रैफिक बढ़ाने के लिए अभिनेता नागा चैतन्य के नाम को आपत्तिजनक और अश्लील खोज शब्दों के साथ जोड़कर उपयोग कर रही थीं। इसके अलावा, उनकी तस्वीर और पहचान वाले सामान भी बिना अनुमति के ऑनलाइन बेचे जा रहे थे। याचिका में यह भी उल्लेख किया गया कि उनकी निजी जिंदगी से जुड़ी जानकारी में छेड़छाड़ की गई और कथित रूप से मानहानिकारक सामग्री भी इंटरनेट पर फैलाई जा रही है।
याचिका के अनुसार, इस मामले में पहले ही कई ऑनलाइन प्लेटफार्मों, मध्यस्थों और सेवा प्रदाताओं को कानूनी नोटिस और शिकायतें भेजी जा चुकी थीं। लेकिन कई संस्थाओं ने या तो संतोषजनक उत्तर नहीं दिया या केवल आंशिक कार्रवाई की। इसके परिणामस्वरूप आपत्तिजनक और अधिकारों का उल्लंघन करने वाली सामग्री ऑनलाइन बनी रही और उससे कमाई भी होती रही।
अभिनेता ने अदालत से डायनेमिक इंजंक्शन की भी मांग की है। यह एक कानूनी व्यवस्था है, जिसके तहत अगर भविष्य में उनकी पहचान का गलत उपयोग करने वाले नए लिंक सामने आते हैं, तो उनके खिलाफ हर बार नई याचिका दायर किए बिना ही कार्रवाई की जा सकती है। सुनवाई के अंत में अदालत ने आरोपियों को समन जारी किए और संकेत दिया कि आगे की सुनवाई तक अभिनेता के पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए अंतरिम आदेश जारी किया जाएगा। इस मामले की अगली सुनवाई 30 सितंबर को निर्धारित की गई है।
व्यक्तित्व अधिकारों से संबंधित मामला
यह मामला ‘पर्सनैलिटी राइट्स’ से जुड़े मुकदमों की एक बड़ी लहर का हिस्सा है, जिन्हें भारतीय सेलिब्रिटीज अपनी पहचान के ऑनलाइन गलत उपयोग के खिलाफ दायर कर रहे हैं। करण जौहर, ऐश्वर्या राय बच्चन और अभिषेक बच्चन भी पहले इसी अदालत में इसी तरह की चिंताओं को लेकर याचिका दायर कर चुके हैं। नागा चैतन्य के पिता नागार्जुन अक्किनेनी ने भी सितंबर 2025 में दिल्ली हाई कोर्ट से एक अंतरिम आदेश प्राप्त किया था।
इस आदेश के तहत अदालत ने किसी भी संस्था को उनकी अनुमति के बिना उनके नाम, तस्वीर, आवाज और व्यक्तित्व का उपयोग करने से रोक दिया था, जिसमें डीपफेक और जेनरेटिव AI जैसे टूल्स के जरिए किया जाने वाला उपयोग भी शामिल है। चिरंजीवी, महेश बाबू और जूनियर NTR जैसे अन्य तेलुगू सितारों ने भी इसी तरह अदालत से अपने व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा हासिल की है।