दिल्ली हाई कोर्ट का महत्वपूर्ण फैसला: नागा चैतन्य के व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा
दिल्ली उच्च न्यायालय का आदेश
दिल्ली उच्च न्यायालय ने तेलुगु फिल्म इंडस्ट्री के प्रसिद्ध अभिनेता अक्कीनेनी नागा चैतन्य के व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश जारी किया है। अदालत ने अभिनेता की अनुमति के बिना इंटरनेट पर प्रसारित हो रही अश्लील सामग्री और एआई-निर्मित आपत्तिजनक छवियों और वीडियो पर तुरंत रोक लगाने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की एकल पीठ ने इस मामले की सुनवाई करते हुए तीसरे पक्षों को अभिनेता के नाम, छवि या आवाज का व्यावसायिक उपयोग करने से पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया है। इसके साथ ही, ऑनलाइन प्लेटफार्मों को ऐसी सभी आपत्तिजनक सामग्री को हटाने का आदेश दिया गया है।
अभिनेता की प्रतिष्ठा की रक्षा
चैतन्य के वकील ने बताया कि कई वेबसाइटें अभिनेता के नाम का उपयोग कर अश्लील वीडियो सामग्री फैला रही हैं, जिससे उनकी छवि को गंभीर नुकसान हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ लोग अभिनेता की तस्वीरों वाले सामान को बेच रहे हैं, और यूट्यूब चैनल्स चैतन्य के व्यक्तित्व और प्रचार अधिकारों का उल्लंघन करते हुए मानहानिकारक सामग्री प्रसारित कर रहे हैं।
अदालत का दृष्टिकोण
न्यायाधीश ने 29 मई के अंतरिम आदेश में कहा कि नागा चैतन्य भारतीय फिल्म उद्योग के एक प्रमुख अभिनेता हैं और उन्हें तीसरे पक्षों द्वारा उनके नाम, छवि और आवाज के अनधिकृत उपयोग से अपनी रक्षा करने का अधिकार है। अदालत ने यह भी कहा कि इस प्रकार की आपत्तिजनक सामग्री अभिनेता की प्रतिष्ठा को गंभीर नुकसान पहुंचा रही है।
अन्य हस्तियों का उदाहरण
ऐश्वर्या राय बच्चन, अभिषेक बच्चन और सलमान खान जैसी कई अन्य हस्तियों ने भी अपनी निजता और प्रचार अधिकारों की सुरक्षा के लिए उच्च न्यायालय का रुख किया था। हाल ही में, उच्च न्यायालय ने वरिष्ठ नेता शशि थरूर, क्रिकेटर गौतम गंभीर और कई बॉलीवुड कलाकारों के व्यक्तित्व अधिकारों की रक्षा के लिए भी अंतरिम राहत प्रदान की थी।