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दिल्ली हाई कोर्ट का आदेश: महिला पुलिसकर्मियों के लिए सुविधाओं का सर्वेक्षण

दिल्ली उच्च न्यायालय ने महिला पुलिसकर्मियों के लिए आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पुलिस को आदेश दिया है। कोर्ट ने सभी पुलिस थानों में सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीनें और अलग वॉशरूम की व्यवस्था करने के लिए छह हफ्तों का समय दिया है। यह आदेश एक याचिका के आधार पर दिया गया है, जिसमें महिला पुलिसकर्मियों के लिए स्वच्छता और स्वास्थ्य की बुनियादी सुविधाओं की मांग की गई थी। अगली सुनवाई 23 सितंबर को होगी।
 

महिला पुलिसकर्मियों के लिए आवश्यक सुविधाओं का सर्वेक्षण

दिल्ली उच्च न्यायालय ने बुधवार को निर्देश दिया कि सभी पुलिस थानों में महिला कर्मचारियों के लिए सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीनें स्थापित की जाएं और उनके लिए अलग वॉशरूम की व्यवस्था की जाए। न्यायालय ने पुलिस कमिश्नर को आदेश दिया कि वे छह हफ्तों के भीतर सभी थानों का सर्वेक्षण कर इन सुविधाओं की उपलब्धता की जांच करें। चीफ जस्टिस डीके उपाध्याय और जस्टिस तेजस करिया की बेंच ने कहा कि सर्वे रिपोर्ट के आधार पर पुलिस को यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने चाहिए कि हर थाने में महिला कर्मचारियों के लिए सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीन और अलग वॉशरूम हो। इस मामले की अगली सुनवाई 23 सितंबर को होगी, और न्यायालय ने पुलिस से उठाए गए कदमों की जानकारी देने के लिए हलफनामा मांगा है。


महिला पुलिसकर्मियों के लिए बुनियादी सुविधाओं की मांग

महिला पुलिसकर्मियों के लिए मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता और सैनिटेशन की बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग को लेकर दायर याचिका पर केंद्र, दिल्ली सरकार और पुलिस को नोटिस जारी करते हुए यह आदेश दिया गया। बेंच ने कहा कि सर्वे रिपोर्ट के आधार पर, पुलिस को हर थाने में सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीन और महिला कर्मियों के लिए अलग वॉशरूम की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए उचित कदम उठाने चाहिए। इसके साथ ही, यह भी कहा गया कि पुलिस कमिश्नर को दिल्ली के सभी थानों का सर्वेक्षण करवाना चाहिए, जो कि छह हफ्तों में पूरा किया जाना चाहिए। NGO 'जस्टिस फॉर राइट्स फाउंडेशन' द्वारा दायर याचिका में कहा गया है कि महिला पुलिसकर्मियों के लिए ये आवश्यक सुविधाएं अनुच्छेद 21 के तहत संवैधानिक आदेश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि ये सम्मान, स्वास्थ्य, निजता और कार्यस्थल पर मानवीय स्थितियों के साथ जीने के अधिकार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। 


सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीनों की कमी पर चिंता

RTI के तहत प्राप्त जानकारी का हवाला देते हुए, याचिकाकर्ता ने बताया कि दिल्ली के सैकड़ों पुलिस थानों में हजारों महिला पुलिसकर्मी तैनात हैं, लेकिन सैनिटरी पैड वेंडिंग मशीनें केवल कुछ ही थानों में उपलब्ध हैं और स्वच्छता की सुविधाओं और बुनियादी ढांचे के लिए कोई बजट या नीति नहीं है। याचिका में कहा गया है कि सरकार की यह चूक केवल एक प्रशासनिक गलती नहीं है, बल्कि ऐसी बुनियादी सुविधाएं न दे पाना महिला पुलिसकर्मियों की गरिमा, स्वास्थ्य, निजता और सुरक्षित कार्य स्थितियों का उल्लंघन है, जो संविधान के अनुच्छेद 14 और 21 के खिलाफ है।