दिल्ली सरकार ने हाइब्रिड वर्क पॉलिसी को समाप्त किया
दिल्ली सरकार का नया फैसला
दिल्ली सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए लागू की गई अस्थायी 'हाइब्रिड वर्क पॉलिसी' को पूरी तरह से समाप्त कर दिया है। इस निर्णय के तहत, कर्मचारियों को अब हफ्ते में कुछ दिनों के लिए घर से काम करने की अनुमति नहीं होगी। अधिकारियों के अनुसार, यह कदम ईरान और अमेरिका के बीच युद्धविराम की खबरों के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने और वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की स्थिति में सुधार के चलते उठाया गया है। अब सभी सरकारी कर्मचारी नियमित रूप से कार्यालय में उपस्थित होंगे। हाइब्रिड वर्क सिस्टम को पहले राजधानी में ईंधन की खपत को कम करने के लिए शुरू किया गया था।
पेट्रोल और डीजल की खपत में कमी
यह पहल मिडिल ईस्ट की स्थिति से जुड़ी वैश्विक अनिश्चितता के समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाने की अपील के बाद शुरू की गई थी। इस योजना के अंतर्गत, सरकारी कर्मचारी हफ्ते में दो दिन घर से काम कर रहे थे ताकि पेट्रोल और डीजल का उपयोग कम किया जा सके।
ऑफिस समय और ईंधन आवंटन में बदलाव
वर्क-फ्रॉम-होम नियमों के साथ-साथ, कई अन्य बदलाव भी लागू किए गए थे। ऑफिस के समय में परिवर्तन किया गया, सरकारी गाड़ियों के लिए ईंधन आवंटन में लगभग 20 प्रतिशत की कमी की गई, और कुछ विभागों ने सरकारी गाड़ियों के काफिले का आकार भी घटा दिया।
नियमित काम के समय की वापसी
अब, सरकारी कर्मचारी सुबह 10:00 बजे से शाम 6:30 बजे तक काम करेंगे। हालांकि, दिल्ली नगर निगम (MCD) अपने मौजूदा शेड्यूल, यानी सुबह 8:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक काम करता रहेगा।
हाइब्रिड वर्क व्यवस्था का उद्देश्य
अधिकारियों ने पहले हाइब्रिड वर्क व्यवस्था को 90 दिनों का अस्थायी उपाय बताया था, जिसका उद्देश्य ईंधन की मांग को प्रबंधित करना, सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को बढ़ावा देना और वैश्विक अनिश्चितता के समय में ऊर्जा की बचत करने वाले तरीकों को प्रोत्साहित करना था।