दिल्ली शराब नीति घोटाले में केजरीवाल की बरी होने से कांग्रेस को बड़ा झटका
कांग्रेस को केजरीवाल की रिहाई से चिंता
दिल्ली की शराब नीति से जुड़े घोटाले में अरविंद केजरीवाल के बरी होने से कांग्रेस को एक बड़ा झटका लगा है। पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार होने के कारण, कांग्रेस अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों में खुद को एक मजबूत दावेदार मान रही है। ऐसे में उसे यह चिंता है कि यदि केजरीवाल को सहानुभूति का लाभ मिला, तो आम आदमी पार्टी फिर से सत्ता में आ सकती है।
कांग्रेस को यह भी डर है कि राहुल गांधी, जो लगातार प्रधानमंत्री मोदी को विभिन्न मुद्दों पर घेरते रहे हैं, के मुकाबले केजरीवाल को लाकर मोदी पर हमले करने का प्रयास किया जा रहा है।
कांग्रेस नेताओं की प्रतिक्रिया
हालांकि आम आदमी पार्टी विपक्षी इंडिया गठबंधन का हिस्सा रही है, लेकिन केजरीवाल की रिहाई से कांग्रेस नेताओं के चेहरे पर चिंता की लकीरें साफ देखी जा रही हैं। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि भाजपा गुजरात और पंजाब के चुनावों के मद्देनजर केजरीवाल को 'नहला-धुलाकर' पेश कर रही है ताकि मुख्य विपक्षी दल को कमजोर किया जा सके।
कांग्रेस के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने कहा कि भाजपा एक 'इच्छाधारी नाग' है, जो केवल कांग्रेस को हराने के लिए अपना रूप बदलती रहती है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा का असली उद्देश्य कांग्रेस मुक्त भारत बनाना है।
AAP की प्रतिक्रिया
पवन खेड़ा के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए, AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने सवाल उठाया कि क्या अन्य नेताओं को भी जेल में डालना चाहिए था। उन्होंने कहा, "कांग्रेसी किस मुंह से बात करते हैं, उन्हें शर्म नहीं आती?"
दिल्ली कांग्रेस के प्रमुख देवेंद्र यादव ने भी इस घटनाक्रम पर टिप्पणी की है, यह कहते हुए कि ऐसे घटनाक्रम अक्सर चुनावों के समय होते हैं। उन्होंने अदालत के फैसले के समय पर सवाल उठाए हैं।
भाजपा की स्थिति
भाजपा के सांसद मनोज तिवारी ने कहा है कि सीबीआई ऊपरी अदालत में जाने की योजना बना रही है।