×

दिल्ली विश्वविद्यालय के शिक्षकों का धरना, स्पष्टीकरण मांगने का विरोध

दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (डूटा) ने नए शैक्षणिक सत्र के पहले दिन 34 शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगने के खिलाफ धरना दिया। डूटा ने इसे ‘मनमाना’ और ‘दमनकारी’ करार देते हुए ज्ञापन को तुरंत वापस लेने की मांग की। शिक्षकों को अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है, जिससे शिक्षकों में असंतोष बढ़ गया है। डूटा ने कहा कि जब तक ज्ञापन वापस नहीं लिया जाता, धरना जारी रहेगा।
 

शिक्षकों का विरोध प्रदर्शन

नई दिल्ली, 29 जुलाई: दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (डूटा) ने नए शैक्षणिक सत्र के पहले दिन, शुरुआती डेढ़ घंटे की अनुपस्थिति के लिए 34 शिक्षकों से स्पष्टीकरण मांगने के खिलाफ बुधवार को फैकल्टी ऑफ टेक्नोलॉजी में धरना दिया। डूटा ने शिक्षकों को भेजे गए ज्ञापन को ‘मनमाना’, ‘कलंकित करने वाला’ और ‘दमनकारी’ करार देते हुए इसे तुरंत वापस लेने की मांग की। यह विरोध प्रदर्शन दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के एक दिन बाद हुआ।


फैकल्टी ऑफ टेक्नोलॉजी ने 2026-27 शैक्षणिक सत्र के पहले दिन सुबह 9 बजे से 10:30 बजे तक अनुपस्थित रहने वाले 34 शिक्षकों को ज्ञापन जारी कर हस्ताक्षरित स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया था। शिक्षकों को उसी दिन शाम 5 बजे तक विस्तृत और हस्ताक्षरित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के लिए कहा गया था। ज्ञापन में कहा गया कि पहले दिन की अनुपस्थिति को गंभीरता से लिया जाएगा और यदि निर्देश का पालन नहीं किया गया या संतोषजनक उत्तर नहीं दिया गया, तो अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।


ज्ञापन में उल्लेख किया गया, ‘निर्धारित समय के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं करने या असंतोषजनक स्पष्टीकरण देने पर इसे गंभीर प्रशासनिक चूक माना जाएगा और मामले को उचित कार्रवाई के लिए सक्षम प्राधिकारी के समक्ष रखा जाएगा।’ डूटा ने फैकल्टी ऑफ टेक्नोलॉजी के डीन को पत्र लिखकर इस ज्ञापन को तुरंत और बिना शर्त वापस लेने की मांग की, यह आरोप लगाते हुए कि यह शिक्षकों की गरिमा और प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन करता है। शिक्षक संगठन ने डीन कार्यालय द्वारा जारी इस संचार को ‘पूरी तरह अनुचित’ बताते हुए कहा कि यह बिना तथ्यों की पुष्टि किए ही शिक्षकों को दोषी मानता है। डूटा ने कहा, ‘यह ज्ञापन अपने स्वरूप में कलंकित करने वाला है।’


शिक्षकों को अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी देकर हस्ताक्षरित और विस्तृत स्पष्टीकरण देने का निर्देश इस धारणा पर आधारित है कि संबंधित शिक्षकों से कोई गलती हुई है। डूटा के अध्यक्ष वी. एस. नेगी ने कहा कि यह ‘बेहद विडंबनापूर्ण और दुर्भाग्यपूर्ण’ है कि यह ज्ञापन गुरु पूर्णिमा के अवसर पर जारी किया गया। डूटा ने कहा कि जब तक ज्ञापन बिना शर्त वापस नहीं लिया जाता, तब तक धरना जारी रहेगा। संगठन ने विश्वविद्यालय प्रशासन से ‘दमनकारी उपायों’ को छोड़कर शिक्षकों की गरिमा बनाए रखने की अपील की।