दिल्ली विधानसभा में भाजपा पर उठे सवाल, महिलाओं के वादे पर उठे गंभीर मुद्दे
भाजपा सरकार पर सवाल उठाते हुए आतिशी का बयान
दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने मंगलवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर महिलाओं को 2,500 रुपये प्रति माह देने के चुनावी वादे को लेकर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आम आदमी पार्टी (आप) के सात राज्यसभा सदस्यों के भाजपा में शामिल होने को ‘‘असंवैधानिक’’ बताया।
आतिशी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि भाजपा ने पिछले साल दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले जनवरी में वादा किया था कि राष्ट्रीय राजधानी की महिलाओं को 8 मार्च से हर महीने 2,500 रुपये उनके बैंक खातों में मिलेंगे।
उन्होंने बताया कि महिलाओं को अपने बैंक खातों को मोबाइल नंबर से लिंक करने के लिए कहा गया था और यह आश्वासन दिया गया था कि राशि जमा होने की पुष्टि का संदेश उन्हें प्राप्त होगा। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, “8 मार्च 2025 बीत चुका है और अब 8 मार्च 2026 भी गुजर चुका है, लेकिन दिल्ली की महिलाओं के खातों में 2,500 रुपये नहीं आए हैं।”
आतिशी ने आरोप लगाया कि भाजपा ने इस वादे के आधार पर महिलाओं के वोट प्राप्त किए और कहा कि महिलाएं अब भी इस वित्तीय सहायता का इंतजार कर रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि महिलाओं को सार्वजनिक सेवाओं का लाभ लेने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
उन्होंने बताया कि जो महिलाएं पहले डीटीसी बसों में आसानी से यात्रा करती थीं, अब उन्हें ‘पिंक कार्ड’ के लिए लंबी कतार में खड़ा होना पड़ रहा है, जबकि मुफ्त दवाओं, इलाज और जांच की सुविधाएं भी प्रभावित हुई हैं।
आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा सदस्यों के भाजपा में शामिल होने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि यह निर्णय संवैधानिक प्रावधानों और दलबदल विरोधी कानून के खिलाफ है।
आतिशी ने कहा कि संविधान के अनुसार किसी विलय को मान्यता देने के लिए मूल राजनीतिक दल का विलय होना आवश्यक है, और इसके लिए विधायी दल के कम से कम दो-तिहाई सदस्यों का समर्थन होना चाहिए। उनके अनुसार, ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जो मूल पार्टी के विलय के बिना केवल दो-तिहाई सांसदों को किसी अन्य दल में शामिल होने की अनुमति देता हो। आम आदमी पार्टी के नेताओं ने भी कहा है कि यह कदम दलबदल विरोधी ढांचे का उल्लंघन करता है और वे इस मुद्दे को संवैधानिक और कानूनी माध्यमों से उठाते रहेंगे।