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दिल्ली मेट्रो स्टाफ क्वार्टर में आग लगने से तीन की मौत

दिल्ली के आदर्श नगर में मेट्रो स्टाफ क्वार्टर में आग लगने से तीन लोगों की मौत हो गई। मृतकों में एक दंपत्ति और उनकी 10 वर्षीय बेटी शामिल हैं। आग लगने की सूचना मिलने पर अग्निशामक दल तुरंत मौके पर पहुँचे, लेकिन तब तक तीन शव मिल चुके थे। इस घटना के बाद राहत कार्य जारी है और पुलिस आग लगने के कारण की जांच कर रही है। यह घटना एक दिन पहले मंडावली में गैस सिलेंडर के फटने से हुई आग के बाद हुई है। दिल्ली अग्निशामक सेवा को कर्मचारियों की कमी का सामना करना पड़ रहा है, जिससे अग्नि सुरक्षा को खतरा है।
 

दिल्ली मेट्रो स्टाफ क्वार्टर में आग की घटना


नई दिल्ली, 6 जनवरी: मंगलवार की सुबह आदर्श नगर में दिल्ली मेट्रो स्टाफ क्वार्टर के दूसरे मंजिल पर लगी भीषण आग में तीन लोगों की जान चली गई।


मृतकों की पहचान 42 वर्षीय अजय, 38 वर्षीय नीलम और उनकी 10 वर्षीय बेटी जान्हवी के रूप में हुई है।


दिल्ली अग्निशामक सेवा (DFS) के अनुसार, उन्हें सुबह लगभग 02:39 बजे आग लगने की सूचना मिली।


अग्निशामक दल तुरंत घटनास्थल पर भेजे गए।


जब दमकल की गाड़ियाँ मौके पर पहुँचीं और बचाव कार्य शुरू किया, तो उन्होंने तीन शव पाए।


बचाव कार्य के दौरान एक अग्निशामक भी घायल हो गया।


अधिकारियों ने मौतों की पुष्टि की और कहा कि पुलिस आग लगने के कारण की जांच कर रही है।


राहत कार्य जारी है और आगे की जानकारी का इंतजार है।


यह घटना रविवार को मंडावली में एक पांच मंजिला इमारत के शीर्ष मंजिल के फ्लैट में आग लगने के एक दिन बाद हुई थी।


DFS के अनुसार, आग गैस सिलेंडर के फटने से लगी थी।


इस ऑपरेशन में तीन अग्निशामक घायल हुए और उन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया।


अधिकारियों ने कहा कि घायल अग्निशामक अब खतरे से बाहर हैं।


पुलिस ने बताया कि कमरे के हीटर में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी, जो तेजी से फैल गई।


रहवासी ने तुरंत भागकर अग्निशामक सेवा को बुलाया।


जब टीम मौके पर पहुँची और ऑपरेशन शुरू किया, तो एक कुकिंग गैस सिलेंडर फट गया, जिससे तीन अग्निशामक घायल हो गए।


इस बीच, DFS को कर्मचारियों की भारी कमी का सामना करना पड़ रहा है, जिसमें प्रमुख पदों पर रिक्तियाँ हैं, जिससे पूरे शहर में अग्नि सुरक्षा को खतरा है।


आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में एजेंसी में केवल 18 सहायक विभागीय अधिकारी (ADOs) कार्यरत हैं, जबकि स्वीकृत संख्या 24 है।


ये अधिकारी 5,000 से अधिक प्रतिष्ठानों, जैसे रेस्तरां, क्लब, होटल, अस्पताल और वाणिज्यिक परिसरों में अग्नि सुरक्षा निरीक्षण करने और अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार हैं।