दिल्ली में पूर्व प्रशासनिक अधिकारी धनेंद्र कुमार की आग में मौत, बेटे की हालत स्थिर
दिल्ली में दर्दनाक हादसा
दिल्ली के हौज खास क्षेत्र में बुधवार रात एक दुखद घटना में पूर्व प्रशासनिक अधिकारी धनेंद्र कुमार की जान चली गई। उनके घर में अचानक आग लग गई, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। इस हादसे में उनके बेटे को भी चोटें आई हैं, लेकिन उनकी स्थिति अब स्थिर बताई जा रही है।
आग लगने का कारण
जानकारी के अनुसार, आग घर में लगे एयर कंडीशनर की आंतरिक इकाई में धमाके के बाद भड़की। यह घटना रात करीब 11:10 बजे हुई। जैसे ही आग लगने की सूचना मिली, हौज खास थाना पुलिस और अग्निशामक दल मौके पर पहुंचे। आग बुझाने के लिए दो दमकल गाड़ियों को तैनात किया गया।
धनेंद्र कुमार की मौत
पुलिस के अनुसार, धनेंद्र कुमार और उनके बेटे को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन धनेंद्र कुमार की इलाज के दौरान मौत हो गई। प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार, उनकी मौत धुएं के कारण हुई। उनके बेटे का इलाज जारी है और उनकी स्थिति स्थिर है।
जांच की जा रही है
प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि आग एयर कंडीशनर में धमाके के बाद फैली। पुलिस और बिजली विभाग की टीमें मामले की जांच कर रही हैं और शॉर्ट सर्किट की संभावना पर भी गौर कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि अभी तक किसी साजिश या संदिग्ध गतिविधि के संकेत नहीं मिले हैं।
घटनास्थल पर कर्मचारी की प्रतिक्रिया
घर में काम करने वाले रमेश ने बताया कि आग लगते ही उन्होंने परिवार के सदस्यों को बचाने की कोशिश की, लेकिन धुएं के तेजी से फैलने के कारण स्थिति गंभीर हो गई।
पुलिस उपायुक्त की पुष्टि
दक्षिणी दिल्ली के पुलिस उपायुक्त अनंत मित्तल ने पुष्टि की कि धनेंद्र कुमार की मौत धुएं के कारण हुई चोटों के कारण हुई है। इस घटना ने पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना दिया। हालांकि, दमकल कर्मियों ने समय पर आग को अन्य घरों तक फैलने से रोक लिया।
घरेलू उपकरणों की सुरक्षा पर सवाल
यह घटना एक बार फिर गर्मियों में घरेलू बिजली उपकरणों की सुरक्षा को लेकर चिंताओं को जन्म देती है। दिल्ली में बढ़ती गर्मी के कारण एयर कंडीशनर का उपयोग बढ़ गया है, जिससे ऐसे हादसों की संभावना भी बढ़ गई है।
धनेंद्र कुमार का प्रशासनिक करियर
धनेंद्र कुमार भारतीय प्रशासनिक सेवा के 1968 बैच के अधिकारी थे और उन्होंने केंद्र और हरियाणा सरकार में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। उन्होंने रक्षा मंत्रालय, सड़क परिवहन और संस्कृति मंत्रालय में सचिव के रूप में कार्य किया।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर योगदान
उन्होंने 2005 से 2009 के बीच विश्व बैंक में भारत, बांग्लादेश, श्रीलंका और भूटान के कार्यकारी निदेशक के रूप में कार्य किया। इस दौरान उन्होंने क्षेत्रीय आर्थिक विकास से जुड़े कई मुद्दों पर काम किया।
भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग के अध्यक्ष
धनेंद्र कुमार को भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग के पहले अध्यक्ष के रूप में पहचान मिली। उन्होंने 2009 से 2011 तक आयोग का नेतृत्व किया और प्रतिस्पर्धा कानूनों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सेवानिवृत्ति के बाद की गतिविधियाँ
सेवानिवृत्ति के बाद भी, वह सार्वजनिक नीति और कॉरपोरेट मामलों में सक्रिय रहे और कॉम्पिटिशन एडवाइजरी सर्विसेज इंडिया से जुड़े रहे।
धनेंद्र कुमार की याद
धनेंद्र कुमार के निधन पर प्रशासनिक और सार्वजनिक जीवन से जुड़े कई लोगों ने शोक व्यक्त किया है। उन्हें एक अनुभवी और दूरदर्शी अधिकारी के रूप में याद किया जाएगा।