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दिल्ली में जन कल्याण शिविर का उद्घाटन, मुख्यमंत्री ने की महत्वपूर्ण घोषणाएँ

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शालीमार बाग में 'जन कल्याण शिविर' का उद्घाटन किया, जो 18 से 20 जून तक चलेगा। इस पहल का उद्देश्य नागरिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। इसके साथ ही, यमुना की सफाई के लिए एक बड़ा अभियान भी चलाया गया, जिसमें हजारों लोगों ने भाग लिया। जानें इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के बारे में और कैसे यह दिल्ली के विकास में योगदान देगा।
 

मुख्यमंत्री का उद्घाटन समारोह

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को शालीमार बाग विधानसभा क्षेत्र के MCD कम्युनिटी हॉल में 'जन कल्याण शिविर' का उद्घाटन किया। यह कार्यक्रम उनके प्रशासन की ओर से नागरिकों तक पहुँचने की एक महत्वपूर्ण पहल है।  मुख्यमंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी में 42 स्थानों पर ये शिविर आयोजित किए गए हैं। यह पहल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 साल के शासन और मौजूदा दिल्ली सरकार के एक साल पूरे होने के अवसर पर शुरू की गई है। गुप्ता ने पत्रकारों से कहा कि हमने इन अवसरों पर दिल्ली में 42 जगहों पर जन कल्याण शिविर आयोजित किए हैं। विभिन्न विभागों ने यहाँ शिविर लगाए हैं ताकि दिल्ली के लोग उन सभी योजनाओं का लाभ उठा सकें, जिनके लिए वे योग्य हैं - चाहे वे राज्य सरकार की हों या केंद्र सरकार की।


शिविर की अवधि और नागरिकों के लिए निर्देश

'जन कल्याण शिविर' तीन दिनों तक चलेंगे, जो 18 जून से 20 जून तक आयोजित होंगे। प्रशासन ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे आवश्यक दस्तावेज लेकर इन केंद्रों पर आएं और सीधे सहायता का लाभ उठाएं। गुप्ता ने बताया कि ये शिविर लोगों तक पहुँचने और उन्हें सीधे मदद प्रदान करने के लिए स्थापित किए गए हैं। सरकार के विकास के एजेंडे पर जोर देते हुए, मुख्यमंत्री ने 'ट्रिपल इंजन' गवर्नेंस मॉडल की महत्वपूर्णता पर प्रकाश डाला।


यमुना सफाई अभियान

गुप्ता ने आगे कहा कि पीएम मोदी की नेतृत्व में, 'ट्रिपल इंजन' सरकार लोगों की सेवा करने और दिल्ली को एक विकसित शहर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इससे पहले, एक अलग पहल के तहत, गुप्ता ने बताया कि राजधानी के 28 घाटों पर यमुना की सफाई का एक बड़ा अभियान चलाया गया। इस अभियान में हजारों लोगों ने भाग लिया, जिसका उद्देश्य नदी को साफ करना और उसके आस-पास के वातावरण को बेहतर बनाना था।


सफाई अभियान की जानकारी

अभियान के बारे में बात करते हुए गुप्ता ने कहा कि रविवार को दिल्ली के 28 घाटों पर यमुना की सफाई का अभियान शुरू किया गया, जिसमें हजारों लोगों ने भाग लिया। उन्होंने देखा कि बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने सफाई अभियान में भाग लिया। गुप्ता ने बताया कि इकट्ठा हुए कचरे में प्लास्टिक की थैलियाँ, पूजा का सामान और टूटी हुई मूर्तियाँ शामिल थीं। उन्होंने कहा कि ऐसे सफाई अभियान नियमित रूप से चलाने की आवश्यकता है।  मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि नदी के किनारे मिलने वाले कचरे के प्रकार के आधार पर कचरा प्रबंधन के उपाय तय किए जाएंगे।