दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन: सोनम वांगचुक का अनशन जारी
कॉकरोच जनता पार्टी का 21वां दिन का प्रदर्शन
दिल्ली के जंतर-मंतर पर परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) का प्रदर्शन 21वें दिन भी जारी रहा। इस आंदोलन के समर्थन में अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे प्रख्यात शिक्षाविद और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का उपवास आज 13वें दिन में प्रवेश कर गया है। उन्होंने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि उनकी भूख अब स्थिर हो गई है और वह ठीक महसूस कर रहे हैं।
सोनम वांगचुक का स्वास्थ्य और प्रशासनिक हस्तक्षेप
वांगचुक ने अपनी सेहत और प्रशासनिक हस्तक्षेप की संभावनाओं पर पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए स्पष्ट किया कि वह अपनी इच्छा से यहां बैठे हैं। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक दिन कठिन होते हैं क्योंकि शरीर को उपवास के लिए अनुकूलित करना पड़ता है, जिससे थोड़ी थकान होती है, लेकिन बाकी सब ठीक है। उन्होंने जोर देकर कहा कि प्रशासन के पास उन्हें प्रदर्शन स्थल से हटाने का कोई ठोस कारण नहीं है।
लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा
वांगचुक ने प्रशासन को चेतावनी दी कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखना हमारा लोकतांत्रिक अधिकार है। उन्होंने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 19 के तहत हमें शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का अधिकार है और उन्हें उम्मीद है कि इस अधिकार का सम्मान किया जाएगा। यदि प्रशासन उन्हें जबरन हटाने की कोशिश करता है, तो यह उनके अधिकारों का उल्लंघन होगा, क्योंकि पूरी दुनिया हमारे लोकतंत्र की स्थिति पर नजर रख रही है।
छात्र आत्महत्याओं पर चिंता
मई में मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी के विवाद के बाद छात्रों द्वारा की गई आत्महत्याओं का उल्लेख करते हुए वांगचुक ने चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इस आंदोलन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भविष्य में ऐसी दुखद घटनाएं न हों। उन्होंने बताया कि अब तक 20 छात्र आत्महत्या कर चुके हैं और अगले साल यह संख्या बढ़कर 40 या 80 न हो, इसी को रोकने के लिए वे यहां बैठे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि संसद के मानसून सत्र से पहले शिक्षा मंत्री का इस्तीफा स्वीकार करने से सरकार को युवाओं का भरोसा फिर से जीतने में मदद मिलेगी।
वांगचुक का स्वास्थ्य
कॉजपा के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने बताया कि जब से सोनम वांगचुक ने उपवास शुरू किया है, तब से उनका वजन लगभग 7.5 किलोग्राम कम हो चुका है। उनका ब्लड शुगर लेवल भी लगातार नीचे बना हुआ है। यह ध्यान देने योग्य है कि परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में कॉजपा का यह आंदोलन 20 जून से प्रारंभ हुआ था।