दिल्ली में ऑटो और टैक्सी हड़ताल से सब्जियों की कीमतों में वृद्धि
दिल्ली में ऑटो और टैक्सी हड़ताल के चलते सब्जियों की कीमतों में भारी वृद्धि हुई है। आजादपुर मंडी में सब्जियों की कीमतें दोगुनी हो गई हैं, जिससे उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्याज, आलू और लहसुन के व्यापारियों ने अपने स्टॉक को बेचना शुरू कर दिया है, जबकि हड़ताल के कारण बाजार में केवल सीमित मात्रा में सब्जियां उपलब्ध हैं। जानें इस हड़ताल का कारण और इसके प्रभाव के बारे में।
May 22, 2026, 15:45 IST
दिल्ली में सब्जियों की कीमतों में उछाल
दिल्ली में ऑटो और टैक्सी हड़ताल के कारण सब्जियों की कीमतों में भारी वृद्धि देखी जा रही है। शुक्रवार को ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल का दूसरा दिन था, और इसका प्रभाव बाजार पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। आजादपुर मंडी, जो दिल्ली की सबसे बड़ी थोक मंडी है, में सब्जियों की कीमतें दोगुनी हो गई हैं। धनिया की कीमत 40 रुपये से बढ़कर 100 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। अदरक की कीमत भी 100 रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़कर 120 से 130 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। नींबू और पुदीना भी महंगे हो गए हैं।
प्याज, आलू और लहसुन की स्थिति
प्याज, आलू और लहसुन के व्यापारियों ने अपने स्टॉक को बेचना शुरू कर दिया है, क्योंकि बाजार में केवल 20 ट्रक ही पहुंचे हैं, जो दिल्ली की आवश्यकताओं के लिए अपर्याप्त हैं। मांग में वृद्धि होने पर प्याज की कीमतें और भी बढ़ सकती हैं। मौजूदा स्टॉक केवल एक-दो दिन के लिए ही पर्याप्त है। इसके अलावा, दिल्ली-एनसीआर में कई परिवहन और टैक्सी यूनियनों द्वारा शहर सरकार के उपकर और सीएनजी की बढ़ती कीमतों के विरोध में गुरुवार से शुरू की गई तीन दिवसीय हड़ताल के कारण यात्रियों को यात्रा में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है।
हड़ताल का कारण और प्रभाव
यह तीन दिवसीय हड़ताल 23 मई तक चलेगी और इसका मुख्य कारण दिल्ली सरकार द्वारा वाणिज्यिक वाहनों पर पर्यावरण क्षतिपूर्ति उपकर बढ़ाने का निर्णय है। नई दिल्ली रेलवे स्टेशन, आनंद विहार, मंडी हाउस मेट्रो स्टेशन और अन्य व्यस्त स्थानों पर यात्रियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है। विरोध प्रदर्शन के तहत औद्योगिक क्षेत्रों में ट्रक खड़े रहे हैं। दिल्ली में वाणिज्यिक वाहन चालकों के संघों ने भी इस हड़ताल का समर्थन किया है और ईंधन की बढ़ती कीमतों के मद्देनजर टैक्सी और ऑटो किराए में वृद्धि की मांग की है।
संघों का बयान
परिवहन संघ के एक बयान के अनुसार, यह हड़ताल वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (सीएक्यूएम), अदालतों और दिल्ली सरकार द्वारा परिवहन क्षेत्र पर थोपी गई अन्यायपूर्ण नीतियों के खिलाफ है। 'चालक शक्ति यूनियन' के उपाध्यक्ष अनुज कुमार राठौर ने कहा कि सीएनजी, पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों के कारण मध्यम वर्ग के ड्राइवरों को अपने परिवारों का भरण-पोषण करने में कठिनाई हो रही है। उन्होंने बताया कि इसी कारण से, दिल्ली के अन्य संगठनों के समन्वय से 'चालक शक्ति यूनियन' ने 'चक्का जाम' का आह्वान किया है और 21, 22 और 23 मई को वाहन न चलाने की अपील की है।