दिल्ली में इमारत गिरने से 6 की मौत, राहत कार्य जारी
दिल्ली में इमारत गिरने की घटना
दिल्ली: दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन क्षेत्र में एक पांच मंजिला इमारत के गिरने से राजधानी में हड़कंप मच गया है। इस दुर्घटना में अब तक 6 लोगों की जान जा चुकी है, और कई अन्य के मलबे में फंसे होने की आशंका है। राहत और बचाव कार्य जारी है। पुलिस ने इस मामले में कथित मकान मालिक हरिराम बंसल सहित अन्य के खिलाफ FIR दर्ज की है.
इमारत का उपयोग छात्रों के लिए
हादसे का शिकार हुई इमारत छात्रों के लिए पेइंग गेस्ट (PG) के रूप में उपयोग की जा रही थी। यह स्थान दिल्ली विश्वविद्यालय के साउथ कैंपस के निकट है, जहां बड़ी संख्या में छात्र निवास करते हैं। पुलिस के अनुसार, जब यह घटना हुई, तब इमारत के ग्राउंड फ्लोर और बेसमेंट में मरम्मत का कार्य चल रहा था.
मृतकों की संख्या बढ़ी
AIIMS और प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, मृतकों की संख्या अब छह हो गई है। कई लोगों को मलबे से सुरक्षित निकाला गया है और घायलों को अस्पतालों में भर्ती कराया गया है.
रेस्क्यू टीमों ने पूरी रात मलबे में खोज अभियान चलाया। NDRF, दिल्ली फायर सर्विस, दिल्ली पुलिस और अन्य एजेंसियां मौके पर मौजूद हैं। मलबे में फंसे लोगों की तलाश के लिए प्रशिक्षित डॉग स्क्वॉड और अन्य उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है.
FIR दर्ज
दिल्ली पुलिस ने इस घटना के बाद कथित बिल्डिंग मालिक हरिराम बंसल और अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है। FIR में गैर इरादतन हत्या और लापरवाही से संबंधित धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस की टीमें मामले से जुड़े लोगों की पहचान करने में जुटी हैं.
पुलिस यह भी जांच कर रही है कि इमारत में चल रहे निर्माण कार्य और उसके ढहने के बीच क्या संबंध था, और क्या भवन के उपयोग और निर्माण से जुड़े नियमों का पालन किया गया था.
मुख्यमंत्री का जांच का आदेश
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने घटनास्थल का दौरा करने के बाद मामले की मजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, जो भी व्यक्ति इस हादसे के लिए जिम्मेदार पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
मुख्यमंत्री ने अस्पताल जाकर घायलों से मुलाकात की और उनके इलाज की जानकारी ली। प्रशासन ने प्रभावित लोगों और उनके परिवारों को आवश्यक सहायता प्रदान करने का आश्वासन दिया है.
आसपास की इमारतों की सुरक्षा
इस घटना के बाद आसपास की कुछ इमारतों की सुरक्षा पर भी सवाल उठे हैं। MCD ने एक नजदीकी जर्जर इमारत को खाली कराने और उसे गिराने की प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि खतरनाक इमारतों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी.
इस घटना ने दिल्ली में छात्र PG और पुरानी इमारतों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। प्रशासन के सामने यह चुनौती है कि ऐसे भवनों की स्थिति की जांच कैसे की जाए और संभावित खतरों को समय पर कैसे रोका जाए.
रेस्क्यू ऑपरेशन पर ध्यान
फिलहाल, बचाव एजेंसियों का मुख्य ध्यान मलबे में किसी अन्य व्यक्ति के फंसे होने की संभावना की जांच करना है। घटनास्थल पर भारी उपकरणों के साथ प्रशिक्षित बचावकर्मी काम कर रहे हैं। पुलिस ने आम जनता से घटनास्थल से दूर रहने की अपील की है, ताकि रेस्क्यू टीमों को काम करने में कोई बाधा न आए.
हादसे की पूरी स्थिति जांच और रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों की तलाश, घायलों का इलाज और हादसे के लिए जिम्मेदारी तय करना है.