×

दिल्ली में INDIA ब्लॉक की महत्वपूर्ण बैठक, विपक्षी दलों की रणनीति पर चर्चा

दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में आज INDIA ब्लॉक की बैठक हो रही है, जिसमें 23 विपक्षी दल शामिल होंगे। यह बैठक टीएमसी और डीएमके की हालिया हार के बाद हो रही है, जिसका उद्देश्य बीजेपी के खिलाफ एकजुट होकर रणनीति तैयार करना है। कांग्रेस, टीएमसी, समाजवादी पार्टी और अन्य प्रमुख दलों के नेता इस बैठक में भाग लेंगे। हालांकि, आम आदमी पार्टी और डीएमके बैठक में शामिल नहीं होंगे। बैठक में आगामी चुनावों और राष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा की जाएगी।
 

बैठक का आयोजन

दिल्ली के कॉन्स्टीट्यूशन क्लब में आज एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जा रही है, जिसमें 23 विपक्षी दल शामिल होंगे। यह बैठक टीएमसी की पश्चिम बंगाल में और डीएमके की तमिलनाडु में हालिया हार के बाद हो रही है, जिसका उद्देश्य बीजेपी के खिलाफ भविष्य की रणनीति तैयार करना है।


प्रतिनिधियों की उपस्थिति

बैठक में कई प्रमुख विपक्षी नेताओं की उपस्थिति की उम्मीद है, जिनमें कांग्रेस के राहुल गांधी, टीएमसी की ममता बनर्जी, समाजवादी पार्टी के अखिलेश यादव और राजद के तेजस्वी यादव शामिल हैं।


कांग्रेस का बयान

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने बताया कि 23 दलों ने बैठक में भाग लेने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि विपक्षी गुट अपनी विविधता के बावजूद एकजुटता बनाए रखे हुए है, हालांकि कुछ दल अपनी वजहों से बैठक में शामिल नहीं होंगे।


AAP और DMK की अनुपस्थिति

आम आदमी पार्टी ने पहले ही इस गठबंधन से दूरी बना ली है, जबकि डीएमके ने कांग्रेस से संबंध तोड़कर टीवीके सरकार में शामिल होने के बाद बैठक का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। बैठक में आगामी चुनावों और 2029 के लोकसभा चुनावों के लिए रणनीति पर चर्चा की जाएगी।


पश्चिम बंगाल में टीएमसी के मुद्दे

पश्चिम बंगाल में टीएमसी की हार ने विपक्षी गठबंधन को भाजपा के बढ़ते प्रभाव के खिलाफ एकजुट होने के लिए प्रेरित किया है। टीएमसी के नेता बैठक में अभिषेक बनर्जी पर हुए कथित हमलों का मुद्दा उठाने की योजना बना रहे हैं।


विधानसभा चुनावों में मतभेद

हालिया विधानसभा चुनावों में विपक्षी गठबंधन के भीतर मतभेद भी सामने आए हैं। सीपीआईएम कांग्रेस पर आरोप लगा सकती है कि केरल में वाम दलों ने भाजपा के साथ राजनीतिक समझौता किया है।


पिछली बैठक का अनुभव

INDIA गठबंधन की पिछली आधिकारिक बैठक 1 जून 2024 को नई दिल्ली में हुई थी। इस बार विपक्षी दल पिछले अनुभवों को ध्यान में रखते हुए रणनीति पर विशेष ध्यान देंगे।