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दिल्ली में CJP के प्रदर्शन के दौरान हिंसा, पुलिस पर हमले की FIR दर्ज

दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने FIR दर्ज की है। प्रदर्शनकारियों के बीच कुछ असामाजिक तत्वों के घुसपैठ की जानकारी मिली है, जो पुलिसकर्मियों पर हमले कर रहे थे। घायल ACP विवेक भगत को RML अस्पताल में भर्ती कराया गया है। CJP के प्रवक्ता ने कहा है कि आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते। जानें इस मामले की पूरी जानकारी।
 

दिल्ली में CJP के विरोध प्रदर्शन में हिंसा

दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा के मामले में दिल्ली पुलिस ने सख्त कदम उठाने का निर्णय लिया है। कनॉट प्लेस पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई प्राथमिकी में प्रदर्शनकारियों और उपद्रवी तत्वों के खिलाफ गंभीर धाराएँ लगाई गई हैं, जिनमें पुलिसकर्मियों पर हमले की कोशिश, दंगा भड़काने और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाने के आरोप शामिल हैं।


पुलिस की कार्रवाई और जांच

पुलिस के सूत्रों के अनुसार, प्रदर्शनकारियों के बीच कुछ आपराधिक तत्व घुसपैठ कर चुके हैं। जांच में यह सामने आया है कि ये असामाजिक तत्व चाकू जैसे धारदार हथियारों से लैस थे, जिससे पुलिसकर्मियों पर जानलेवा हमले किए गए।


RML अस्पताल में घायल ACP का इलाज

अस्पताल के अधिकारियों ने बताया कि जंतर-मंतर के पास पत्थरबाजी की घटना के बाद एक ACP को गंभीर चोटों के साथ RML अस्पताल लाया गया। डॉक्टरों ने बताया कि ACP विवेक भगत को सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें आई हैं।


घायलों की संख्या में वृद्धि

पुलिस सूत्रों के अनुसार, बुधवार शाम को जंतर-मंतर के पास पत्थरबाजी की एक और घटना में दो ACP और चार पुलिसकर्मी घायल हुए। पुलिस ने बार-बार शांति बनाए रखने की अपील की है।


CJP का धरना जारी

CJP के प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर पर अपना धरना जारी रखे हुए हैं। यह आंदोलन प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ है और अब दूसरे महीने में प्रवेश कर चुका है। CJP ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है।


आंदोलन की स्थिरता

CJP के प्रवक्ता आशुतोष रंका ने कहा कि जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि जंतर-मंतर के अलावा कहीं और इकट्ठा होने का आह्वान नहीं किया गया है।