×

दिल्ली में CJP के प्रदर्शन के 24वें दिन पुलिस कार्रवाई और सरकार की प्रतिक्रिया

दिल्ली में 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के नेतृत्व में चल रहे प्रदर्शन के 24वें दिन पुलिस ने कार्रवाई की। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ नारेबाजी की, जबकि CJP ने दोबारा मार्च न करने का निर्णय लिया। पुलिस ने हिंसा के मामले में FIR दर्ज की है और जांच जारी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने CJP के साथ बातचीत को सकारात्मक बताया। जानें इस आंदोलन का आगे क्या होगा और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की संभावनाएं।
 

दिल्ली में प्रदर्शन की स्थिति

दिल्ली में 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के नेतृत्व में हो रहे प्रदर्शन के दौरान, आधी रात के बाद भी जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए। ये लोग केंद्र सरकार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। मंगलवार को राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही, क्योंकि यह विरोध प्रदर्शन अपने 24वें दिन में प्रवेश कर चुका था। पुलिस के अनुसार, 'संसद चलो' मार्च के दौरान 170 से अधिक लोग घायल हुए, जिनमें प्रदर्शनकारी और सुरक्षाकर्मी दोनों शामिल थे।


CJP का रुख

CJP का क्या रुख है?

सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने कहा कि वे दोबारा मार्च नहीं करेंगे, क्योंकि ऐसा करने पर पुलिस फिर से युवाओं को नुकसान पहुंचा सकती है। हालांकि, उन्होंने आंदोलन जारी रखने का आश्वासन दिया और कहा कि धर्मेंद्र प्रधान को बचाने के लिए सरकार और भी कई छात्रों का खून बहाने को तैयार है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग को दोहराते हुए कहा कि सरकार ने खुद को पूरी तरह से "शर्मिंदा" किया है। "अगर वे चाहते, तो इस्तीफा बहुत पहले ही हो गया होता, लेकिन बीजेपी के सभी लोग अहंकार में हैं।


पुलिस की कार्रवाई

पुलिस की तरफ से क्या ताज़ा जानकारी है?

दिल्ली पुलिस ने पांच FIR दर्ज की हैं और यह जांच कर रही है कि क्या यह हिंसा शहर में शांति भंग करने की किसी बड़ी साज़िश का हिस्सा थी। अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ संसद मार्ग, बाराखंभा और कनॉट प्लेस पुलिस स्टेशनों में दंगा करने, सरकारी और निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और ड्यूटी पर तैनात सरकारी कर्मचारियों पर हमले से संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई हैं। सूत्रों के अनुसार, जांच टीम CCTV फुटेज की मदद से हिंसा में शामिल लोगों की पहचान कर रही है। पुलिस ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान पहुँचाया और 15 से 20 सरकारी गाड़ियों में तोड़-फोड़ की। लगभग 70 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है। 


CJP के साथ बातचीत पर नड्डा का बयान

CJP के साथ बातचीत पर नड्डा का क्या कहना है?

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि CJP के साथ बातचीत सकारात्मक रही। उन्होंने बताया कि सोमवार को जब प्रदर्शनकारी NEET-UG 2026 पेपर लीक के आरोपों को लेकर प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे, तब उन्होंने CJP के प्रतिनिधियों से मुलाकात की। नड्डा ने कहा कि बातचीत का प्रस्ताव प्रदर्शनकारियों की ओर से आया था और यह सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई। उन्होंने सभी प्रदर्शनकारियों से अनुरोध किया कि वे अपना धरना समाप्त करें और सामान्य स्थिति बहाल करने में प्रशासन की सहायता करें।


धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा

क्या होगा धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा

धर्मेंद्र प्रधान की हाल की मुलाकात के बाद चर्चा हुई कि क्या उन्हें हटाया जाएगा। हालांकि, पार्टी के अंदर इस बात पर विचार चल रहा है कि अगर धर्मेंद्र प्रधान को हटाया गया, तो इससे अन्य मुद्दों पर भी इस्तीफे की मांग हो सकती है। इससे यह संदेश जाएगा कि किसी भी समस्या के लिए प्रदर्शनकारियों द्वारा इस्तीफे की मांग की जा सकती है, जो कि एक खतरनाक प्रवृत्ति है।