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दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज को किया गिरफ्तार, जानें पूरा मामला

दिल्ली पुलिस ने स्वतंत्र भारद्वाज को संजय कुमार के साथ कथित मारपीट के मामले में गिरफ्तार किया है। उसे बुलंदशहर से हिरासत में लिया गया और एक दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा गया है। मामला जंतर-मंतर पर हुए एक विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है, जहां संजय कुमार के साथ मारपीट की गई थी। इस मामले में SC/ST एक्ट की धाराएं भी जोड़ी गई हैं। स्वतंत्र भारद्वाज का एक वायरल पॉडकास्ट वीडियो इस विवाद को और बढ़ा दिया है। अब पुलिस मामले की जांच कर रही है और सभी की नजर आगे की कानूनी कार्रवाई पर है।
 

स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी


दिल्ली पुलिस ने निशु आजाद के पिता संजय कुमार के साथ कथित मारपीट के मामले में स्वतंत्र भारद्वाज को गिरफ्तार किया है। उसे उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से हिरासत में लिया गया और शनिवार को दिल्ली की अदालत में पेश किया गया, जहां उसे एक दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया। पुलिस अब मामले से जुड़े तथ्यों और दावों की जांच कर रही है।


गिरफ्तारी का विवरण

पुलिस के अनुसार, स्वतंत्र भारद्वाज को शुक्रवार को बुलंदशहर से पकड़ा गया। उसे वहां से निकलने की सूचना मिली थी, जिसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लिया। गिरफ्तारी के बाद, उसे दिल्ली लाया गया और कड़कड़डूमा कोर्ट में पेश किया गया, जहां अदालत ने उसे एक दिन की पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया।


मामले का पृष्ठभूमि

यह मामला दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए एक विरोध प्रदर्शन से संबंधित है, जहां 23 जून 2026 को संजय कुमार के साथ कथित मारपीट हुई थी। इस संबंध में पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसमें स्वतंत्र भारद्वाज और सूरज कुमार का नाम शामिल था।


शुरुआत में, भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कुछ धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था, लेकिन बाद में SC/ST एक्ट की धाराएं भी जोड़ी गईं। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और सभी आरोपों की कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच की जा रही है।


विवाद का बढ़ना

स्वतंत्र भारद्वाज का एक पॉडकास्ट वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला फिर से सुर्खियों में आया। इस वीडियो में उसने जंतर-मंतर की घटना का जिक्र किया, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने उसकी गिरफ्तारी की मांग की।


हालांकि, भारद्वाज ने अपने बचाव में सेल्फ-डिफेंस का दावा किया है। इस मामले में सच्चाई का पता जांच और न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से ही चलेगा।


गिरफ्तारी की प्रक्रिया

स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शनकारियों ने शुक्रवार को पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने का दौरा किया। पुलिस अधिकारियों के साथ बातचीत के बाद, 72 घंटे के भीतर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था। इसके तुरंत बाद, पुलिस ने बुलंदशहर में कार्रवाई की और भारद्वाज को गिरफ्तार किया।


अब, अदालत ने उसे एक दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है, जहां पुलिस मामले से जुड़े साक्ष्यों और बयानों की जांच करेगी।


POCSO के तहत अलग FIR

इस मामले में एक नाबालिग की शिकायत पर POCSO एक्ट के तहत एक अलग एफआईआर भी दर्ज की गई है, जिसमें ऑनलाइन धमकी और उत्पीड़न के आरोपों की जांच की जा रही है। इसके अलावा, मूल मामले में SC/ST एक्ट की धाराएं भी जोड़ी गई हैं।


पुलिस सभी आरोपों की जांच कर रही है, और किसी भी आरोप को अदालत के अंतिम निर्णय से पहले दोष सिद्ध नहीं माना जा सकता।


पुलिस की चुनौती

एक दिन की पुलिस कस्टडी के दौरान, जांच एजेंसियां घटनाक्रम से जुड़े साक्ष्यों, एफआईआर में दर्ज आरोपों, वायरल वीडियो और संबंधित लोगों के बयानों की जांच कर सकती हैं। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश करेगी कि घटना के दौरान वास्तव में क्या हुआ था।


स्वतंत्र भारद्वाज की गिरफ्तारी के बाद, मामले ने नया मोड़ ले लिया है। अब सभी की नजर जांच की दिशा और आगे की कानूनी कार्रवाई पर है।