दिल्ली पुलिस ने नकली नोट छापने वाले गिरोह का किया भंडाफोड़
नकली नोटों के गिरोह का पर्दाफाश
दिल्ली पुलिस ने महाराष्ट्र और राष्ट्रीय राजधानी के बीच सक्रिय एक अंतर-राज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो नकली नोटों का उत्पादन और वितरण कर रहा था। इस ऑपरेशन में गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें मुख्य सरगना भी शामिल है। पुलिस ने नवी मुंबई में इस गिरोह से संबंधित एक प्रिंटिंग यूनिट का भी पता लगाया है। गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों में 62 वर्षीय नटराज मोहन कंचन, 38 वर्षीय विनोद मुन्नीलाल जायसवाल और 55 वर्षीय सुभाष चंद्र शामिल हैं। पुलिस ने इस कार्रवाई में कुल 299 नकली नोट बरामद किए, जिनमें 286 नोट 100 रुपये के और 13 नोट 500 रुपये के थे।
नकली नोटों की पहचान कैसे हुई
यह मामला तब सामने आया जब भलस्वा डेयरी क्षेत्र में एक दुकानदार ने ग्राहक से नकली नोट प्राप्त किए। पंकज नामक दुकानदार ने बताया कि 29 जून की रात एक ग्राहक ने सिगरेट के पांच पैकेट खरीदने के लिए 100 रुपये के छह नोट दिए। नोटों की गुणवत्ता संदिग्ध होने पर, उसने एक गश्ती अधिकारी को सूचित किया। अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर नोटों की जांच की और उन्हें नकली पाया। संदिग्ध ग्राहक को हिरासत में लिया गया, जिसकी पहचान बाद में कंचन के रूप में हुई।
कंचन की गिरफ्तारी और छापेमारी
पूछताछ के दौरान, कंचन ने बताया कि वह पहाड़गंज के एक होटल में ठहरा हुआ था। उसके होटल के कमरे में छापेमारी के दौरान 100 रुपये के 180 और 500 रुपये के 13 नकली नोट बरामद किए गए। कंचन ने यह भी खुलासा किया कि उसने दिल्ली के सुभाष चंद्र को नकली नोट सप्लाई किए थे। चंद्र को 30 जून को गिरफ्तार किया गया, जब उसके पास से 100 रुपये के 10 नकली नोट मिले। इसके बाद, पुलिस ने नवी मुंबई में कंचन के घर पर छापेमारी की, जहां नकली नोट छापने की एक यूनिट मिली। वहां से लैपटॉप, प्रिंटर, लैमिनेशन मशीन और अन्य उपकरण बरामद किए गए।