दिल्ली पुलिस ने कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन को दी मंजूरी
कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस ने 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने की अनुमति दे दी है। इस पार्टी ने अपने समर्थकों से अपील की थी कि वे शनिवार सुबह 9 बजे संसद मार्ग थाने के बाहर एकत्रित हों। इससे पहले, विरोध प्रदर्शन के खिलाफ दायर याचिका पर दिल्ली उच्च न्यायालय ने तात्कालिक सुनवाई से इनकार कर दिया, जिससे प्रदर्शन के आयोजन में कोई कानूनी रुकावट नहीं रह गई।
प्रदर्शन की तैयारी
जस्टिस सौरभ बनर्जी और जस्टिस अमित शर्मा की खंडपीठ ने कहा कि याचिका पर नियत समय पर सुनवाई की जाएगी। इस प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे अभिजीत दिपके ने नीट पेपर लीक और शिक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है। वह शनिवार सुबह बोस्टन से नई दिल्ली पहुंचे और सोशल मीडिया पर अपने समर्थकों से किताब और तिरंगा लाने की अपील की।
उन्होंने लिखा, 'लैंडिंग हो गई। जंतर-मंतर पर आप सभी से मिलने का बेसब्री से इंतजार है। किताब और तिरंगा लाना न भूलें! पुलिसकर्मियों को फूल भेंट करें। हमें इस आंदोलन को प्रेम और शांति के साथ आगे बढ़ाना है!' दिल्ली पुलिस ने इस प्रदर्शन के मद्देनजर सुरक्षा बढ़ा दी है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
सुरक्षा व्यवस्था
कॉकरोच जनता पार्टी ने नीट पेपर लीक के मुद्दे पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर आज से जंतर-मंतर पर प्रदर्शन शुरू किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के सरकारी आवासों के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। अभिजीत दिपके ने पहले ही घोषणा की थी कि वह 6 जून को भारत लौटेंगे और इस मुद्दे पर शांतिपूर्ण आंदोलन करेंगे।
शिक्षा सुधारक और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने कहा था कि यदि 5 जून तक धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं देते हैं, तो वह भी इस प्रदर्शन में शामिल होंगे। नई दिल्ली क्षेत्र में 1,000 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के साथ टकराव से बचने और बातचीत के जरिए स्थिति को नियंत्रित करने के निर्देश दिए हैं।
यातायात और कानून-व्यवस्था
दिल्ली पुलिस ने सेंट्रल दिल्ली को 12 जोन में बांट दिया है, और प्रत्येक जोन की जिम्मेदारी डीसीपी रैंक के अधिकारियों को सौंपी गई है। सभी जिला और यूनिट डीसीपी को सतर्क रहने के लिए कहा गया है। प्रदर्शन के कारण यातायात प्रभावित होने और कानून-व्यवस्था संबंधी चुनौतियों की आशंका जताई गई है।