×

दिल्ली पुलिस ने ISI से जुड़े आतंकवादी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया

दिल्ली पुलिस ने एक बड़े आतंकवादी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है, जो पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI से जुड़ा हुआ था। इस मॉड्यूल ने उत्तर भारत में कई संवेदनशील स्थलों पर हमलों की योजना बनाई थी। पुलिस ने इस कार्रवाई में नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया और भारी मात्रा में हथियार और आपत्तिजनक सामग्री बरामद की। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक स्थानों को निशाना बनाने की योजना बनाई थी। इस ऑपरेशन के तहत पुलिस ने एक हजार चौदह स्थानों पर छापेमारी की।
 

विशेष प्रकोष्ठ की कार्रवाई

दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े शहजाद भट्टी मॉड्यूल के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। इस कार्रवाई में एक ऐसे नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जो उत्तर भारत में कई संवेदनशील स्थलों पर हमलों की योजना बना रहा था। जांच एजेंसियों के अनुसार, इस मॉड्यूल का उद्देश्य धार्मिक स्थलों, सुरक्षा बलों और सार्वजनिक स्थानों को निशाना बनाकर आतंक फैलाना और व्यापक नुकसान पहुंचाना था। पुलिस ने इस अभियान के दौरान नौ संदिग्धों को गिरफ्तार किया है और कई राज्यों में एक साथ छापेमारी कर हथियार, नकदी और अन्य आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद की है.


गिरफ्तार आरोपियों की जानकारी

सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में यह जानकारी मिली है कि मॉड्यूल की हिट लिस्ट में दिल्ली का एक ऐतिहासिक मंदिर, सोनीपत राजमार्ग पर स्थित एक प्रसिद्ध ढाबा और हरियाणा के हिसार में एक सैन्य शिविर शामिल थे। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपियों ने इन स्थानों की रेकी कर वहां की तस्वीरें और वीडियो पाकिस्तान में अपने आकाओं को भेजे थे.


ऑपरेशन गैंग बस्ट 2.0

दिल्ली पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई “ऑपरेशन गैंग बस्ट 2.0” के तहत की गई। यह अभियान मंगलवार से बृहस्पतिवार तक लगातार 48 घंटे चला, जिसमें दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में एक हजार चौदह स्थानों पर छापेमारी की गई। इस व्यापक अभियान में कुल चार सौ बयासी लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस का कहना है कि यह कार्रवाई संगठित अपराध गिरोहों और पाकिस्तान समर्थित नेटवर्क के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा थी.


आतंकवादी गतिविधियों की योजना

विशेष प्रकोष्ठ के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त प्रमोद सिंह कुशवाह ने बताया कि कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य उन अपराधियों और उनके सहयोगियों को पकड़ना था, जो पाकिस्तान में बैठे गैंगस्टर शहजाद भट्टी के इशारों पर काम कर रहे थे। जांच एजेंसियों का दावा है कि शहजाद भट्टी सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं और अपराधियों की भर्ती कर उन्हें देश विरोधी गतिविधियों में शामिल करता था.


सुरक्षा बलों पर हमले की योजना

पूछताछ में यह भी सामने आया कि दिल्ली के जिस ऐतिहासिक मंदिर को निशाना बनाने की योजना थी, वहां तैनात पुलिसकर्मियों और अर्धसैनिक बलों पर पहले गोलीबारी करने की साजिश रची गई थी। इसके बाद मंदिर परिसर में हमला कर अफरा-तफरी फैलाने की योजना थी. एक आरोपी ने मंदिर की रेकी कर उसकी तस्वीरें सोशल मीडिया के माध्यम से पाकिस्तान स्थित संचालकों को भेजी थीं.


सार्वजनिक स्थलों पर हमले की योजना

जांच में दिल्ली सोनीपत राजमार्ग पर स्थित एक प्रसिद्ध ढाबे को भी निशाना बनाए जाने की जानकारी सामने आई है। यह ढाबा प्रतिदिन हजारों लोगों की आवाजाही वाला स्थान माना जाता है। सूत्रों के अनुसार, मॉड्यूल यहां ग्रेनेड हमला कर भारी जनहानि और दहशत फैलाना चाहता था. सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों को निशाना बनाने का मकसद आम लोगों के बीच भय का माहौल तैयार करना था.


हथियारों की बरामदगी

पुलिस ने अभियान के दौरान भारी मात्रा में हथियार और अन्य सामग्री भी बरामद की है। अधिकारियों के अनुसार, 141 पिस्तौल, 212 कारतूस, 89 चाकू, 24 वाहन, 19 लाख रुपये नकद, 31 मोबाइल फोन, 19 किलोग्राम मादक पदार्थ और शराब की 1234 बोतलें जब्त की गई हैं। पुलिस का कहना है कि बरामद हथियारों का इस्तेमाल विभिन्न आपराधिक और देश विरोधी गतिविधियों में किया जाना था.


जांच का विस्तार

सुरक्षा एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क के अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय संबंधों की गहराई से जांच कर रही हैं। प्रारंभिक जांच में सोशल मीडिया के जरिये भर्ती, हथियारों की तस्करी और पाकिस्तान से सीधे संपर्क जैसी बातें सामने आई हैं। अधिकारियों का कहना है कि इस कार्रवाई से एक बड़े आतंकी और आपराधिक नेटवर्क को समय रहते निष्क्रिय करने में सफलता मिली है.