दिल्ली पुलिस का बड़ा साइबर अपराध अभियान: 916 गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस ने 'ऑपरेशन साइहॉक 5.0' के तहत साइबर अपराध के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाया, जिसमें 916 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इस ऑपरेशन में 700 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का पर्दाफाश हुआ। पुलिस ने 2,500 से अधिक शिकायतों की जांच की और कई अवैध कॉल सेंटर्स का भंडाफोड़ किया। इस अभियान का उद्देश्य संगठित साइबर अपराधी नेटवर्क को समाप्त करना था। जानें इस ऑपरेशन की पूरी जानकारी और गिरफ्तारियों के पीछे की कहानी।
Jun 19, 2026, 18:51 IST
दिल्ली पुलिस का ऑपरेशन साइहॉक 5.0
दिल्ली पुलिस ने 'ऑपरेशन साइहॉक 5.0' के तहत साइबर अपराध के खिलाफ एक विशाल अभियान चलाया, जिसमें 916 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया। यह अभियान 16 और 17 जून को आयोजित किया गया, जिसमें 31 मई तक के साइबर अपराध से संबंधित आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। जॉइंट कमिश्नर ऑफ़ पुलिस रजनीश गुप्ता ने मीडिया को बताया कि इस व्यापक ऑपरेशन में 715 से अधिक पुलिस टीमें और 2,500 से ज्यादा पुलिसकर्मी शामिल थे। उन्होंने कहा, "इस समन्वित कार्रवाई में सभी ज़िला पुलिस यूनिट्स और 15 साइबर पुलिस स्टेशनों की टीमों ने भाग लिया।
साइबर अपराध की शिकायतों की जांच
दिल्ली पुलिस के अनुसार, इस ऑपरेशन के दौरान नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर दर्ज 2,500 से अधिक शिकायतों को शामिल किया गया। जांचकर्ताओं ने पाया कि इन शिकायतों से जुड़ी धोखाधड़ी की कुल राशि लगभग 700 करोड़ रुपये थी। इस अभियान का उद्देश्य संगठित साइबर अपराधी नेटवर्क को समाप्त करना था, जो वित्तीय धोखाधड़ी, डिजिटल स्कैम, फ़िशिंग हमलों और ऑनलाइन धोखाधड़ी में संलग्न थे। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए कई आरोपियों का संबंध झारखंड के जामताड़ा और हरियाणा के नूंह जैसे साइबर अपराध के हॉटस्पॉट से है।
छापेमारी में बरामद सामान
लैपटॉप और मोबाइल फ़ोन की जब्ती
इस ऑपरेशन के दौरान, दिल्ली पुलिस ने कई अवैध कॉल सेंटर्स का भंडाफोड़ किया, जो कथित तौर पर साइबर धोखाधड़ी के लिए उपयोग किए जा रहे थे। जांचकर्ताओं ने कई लैपटॉप, मोबाइल फ़ोन और अन्य डिजिटल उपकरण भी जब्त किए, जिनका उपयोग आपराधिक गतिविधियों में किया गया था। आरोपियों का पता लगाने के लिए दिल्ली पुलिस की टीमों ने 21 राज्यों का दौरा किया, जिससे साइबर अपराध सिंडिकेट की व्यापकता का पता चलता है।
हिरासत में लिए गए लोग
7,000 से अधिक लोगों की हिरासत
अधिकारियों ने बताया कि इस अभियान के दौरान लगभग 7,000 लोगों को वेरिफिकेशन और पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया। इसके अलावा, एहतियाती उपाय के तहत लगभग 600 लोगों से मुचलका भरवाया गया, जबकि चल रही जांच के तहत करीब 2,000 लोगों को नोटिस जारी किए गए। पुलिस ने कहा कि इस ऑपरेशन का उद्देश्य केवल संदिग्धों को गिरफ्तार करना नहीं, बल्कि उस बड़े इकोसिस्टम को खत्म करना भी था जो साइबर अपराध नेटवर्क को संचालित करने में मदद करता है।
नरेश गुजराल साइबर धोखाधड़ी मामला
दिल्ली पुलिस ने पूर्व राज्यसभा सांसद नरेश गुजराल से जुड़े हाई-प्रोफाइल साइबर धोखाधड़ी मामले की जानकारी भी साझा की। अधिकारियों के अनुसार, धोखाधड़ी तब शुरू हुई जब एक कंपनी के मालिक को एक ZIP फ़ाइल मिली और उन्होंने उसे फाइनेंस डिपार्टमेंट को भेज दिया। जैसे ही एक कर्मचारी ने फ़ाइल खोली, हैकर्स ने कथित तौर पर कंपनी के सिस्टम को हैक कर लिया।