दिल्ली पुलिस और हिमाचल पुलिस के बीच टकराव: एआई इम्पैक्ट समिट के विरोध प्रदर्शन के बाद की स्थिति
दिल्ली और हिमाचल पुलिस के बीच गतिरोध
राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित 'एआई इम्पैक्ट समिट' के दौरान हुए विरोध प्रदर्शन के चलते दिल्ली और हिमाचल प्रदेश की पुलिस के बीच टकराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। शिमला में बुधवार को लगभग 24 घंटे तक चले गतिरोध के बाद, बृहस्पतिवार की सुबह दिल्ली पुलिस ने तीन आरोपियों को अपने साथ ले जाने में सफलता पाई।
आरोपियों की गिरफ्तारी
अधिकारियों के अनुसार, भारतीय युवा कांग्रेस के तीन कार्यकर्ताओं - सौरभ, सिद्धार्थ और अरबाज को दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने शिमला जिले के रोहड़ू उपमंडल के एक होटल से गिरफ्तार किया। हालांकि, ट्रांजिट रिमांड प्राप्त करने के बावजूद, दिल्ली पुलिस को लगभग पांच घंटे तक रोका गया।
हिमाचल पुलिस द्वारा रोकना
दिल्ली पुलिस, जो आरोपियों को राष्ट्रीय राजधानी ले जा रही थी, को शिमला के पास शोघी सीमा पर हिमाचल पुलिस ने रोक लिया। इस दौरान, दिल्ली पुलिस के कर्मियों के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज किया गया। आरोपियों की मेडिकल जांच के बाद उन्हें अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आवास पर ले जाया गया।
डिजिटल साक्ष्यों का विवाद
दिल्ली पुलिस को ट्रांजिट रिमांड मिलने के बाद, वे दिल्ली के लिए रवाना हुए, लेकिन कानलोग में फिर से उन्हें रोका गया। शिमला पुलिस ने डिजिटल साक्ष्यों की प्रति मांगी, जिसे दिल्ली पुलिस ने देने से इनकार कर दिया। सहायक पुलिस आयुक्त ने कहा कि शिमला पुलिस कानूनी रूप से साक्ष्य नहीं ले सकती।
आगे की कार्रवाई
दिल्ली पुलिस अब आरोपियों को स्थानीय मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश कर सकती है और उनकी रिमांड मांग सकती है। 20 फरवरी को भारत मंडपम में हुए विरोध प्रदर्शन ने सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। इस घटना के बाद पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत आरोप लगाए थे।
गिरफ्तारी की जानकारी
विशेष प्रकोष्ठ ने तकनीकी निगरानी के आधार पर आरोपियों का पता लगाया। मंगलवार को भारतीय युवा कांग्रेस के अध्यक्ष और पूर्व प्रवक्ता को भी गिरफ्तार किया गया, जिन्हें पूछताछ के लिए पुलिस हिरासत में भेजा गया।