दिल्ली नगर निगम के नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव: जुर्माना बढ़ाने का प्रस्ताव
दिल्ली नगर निगम के नियमों में बदलाव
दिल्ली नगर निगम के पुराने नियमों में बड़े बदलाव की योजना बनाई गई है। वाणिज्य एवं उद्योग राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने लोकसभा में जन विश्वास (प्रावधान संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किया है। इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य छोटे अपराधों के लिए जुर्माने की राशि को बढ़ाना और पुराने कानूनों को वर्तमान समय के अनुसार प्रासंगिक बनाना है।
पालतू जानवरों से संबंधित नए नियम
नए विधेयक के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति अपने पालतू कुत्ते को बिना पट्टे के सड़क पर ले जाता है, तो उसे अब 50 रुपये के बजाय 1,000 रुपये का जुर्माना देना होगा। इसी तरह, सड़कों पर मवेशियों को बांधने पर जुर्माने की राशि 100 रुपये से बढ़ाकर 1,000 रुपये करने का प्रस्ताव है।
गंदगी फैलाने पर सख्त कार्रवाई
सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने और पेशाब करने वालों के खिलाफ अब कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पहले इसके लिए अधिकतम 50 रुपये का जुर्माना था, जिसे अब बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया गया है। गंदगी न हटाने पर पहली बार पकड़े जाने पर चेतावनी दी जाएगी, लेकिन दूसरी बार उल्लंघन करने पर सीधे 500 रुपये का जुर्माना लगेगा। कूड़ा फेंकने या सड़क पर गंदगी बहाने पर भी अब 50 के बजाय 200 रुपये का जुर्माना होगा।
अन्य महत्वपूर्ण बदलाव
विधेयक में कई अन्य नागरिक नियमों के उल्लंघन पर भी दंड बढ़ाया गया है। मकान नंबर मिटाने पर जुर्माना 50 रुपये से बढ़ाकर 1,000 रुपये करने का प्रस्ताव है। खतरनाक आतिशबाजी पर 50 रुपये की जगह अब 500 रुपये का जुर्माना होगा। निगम अधिकारी को परिसर में आने से रोकने पर जुर्माना 50 से बढ़कर 500 रुपये होगा। आदेश के बाद भी असुरक्षित इमारत में रहने पर जुर्माना 200 से बढ़ाकर 1,000 रुपये किया गया है।
जेल की सजा खत्म, अब लगेगा जुर्माना
विधेयक में एक मानवीय बदलाव भी किया गया है। पुराने नियम (धारा 387) के तहत, यदि कोई सफाईकर्मी बिना सूचना दिए काम से गायब रहता था, तो उसे एक महीने की जेल हो सकती थी। नए प्रस्ताव में इस 'अपराध' की श्रेणी को खत्म कर दिया गया है और जेल की जगह केवल 500 रुपये का जुर्माना लगाने का प्रावधान रखा गया है।