दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन: यात्रा में तेजी और सुविधा
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन हो गया है, जिससे यात्रा का समय छह घंटे से घटकर ढाई घंटे रह जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस परियोजना का शुभारंभ किया, जिसमें वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए विशेष उपाय किए गए हैं। जानें इस एक्सप्रेसवे की विशेषताएँ और इसके लाभ।
Apr 14, 2026, 20:54 IST
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का शुभारंभ
दिल्ली से देहरादून जाने वाले यात्रियों के लिए एक महत्वपूर्ण समाचार आया है। लंबे समय से प्रतीक्षित दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे अब पूरी तरह से चालू हो गया है, जिससे दोनों शहरों के बीच यात्रा करना और भी सरल और तेज हो जाएगा।
इस परियोजना का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया। इस अवसर पर उन्होंने सहारनपुर में वन्यजीव गलियारे का निरीक्षण किया और देहरादून के निकट दात काली मंदिर में पूजा की।
जानकारी के अनुसार, इस एक्सप्रेसवे के खुलने से दिल्ली से देहरादून की यात्रा का समय छह घंटे से घटकर लगभग ढाई घंटे रह जाएगा। यह मार्ग दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड से होकर गुजरता है, जिससे क्षेत्रीय संपर्क और पर्यटन को बढ़ावा मिलने की संभावना है।
यह परियोजना 2021 में शुरू हुई थी और इसे लगभग 11,800 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने इसकी आधारशिला रखी थी।
इस एक्सप्रेसवे का एक हिस्सा पहले से ही जनता के लिए खोला जा चुका था, जो दिल्ली से बागपत तक लगभग 32 किलोमीटर लंबा है। अब पूरा मार्ग चालू होने से यात्रा और भी सुगम हो गई है।
इस परियोजना में 100 से अधिक अंडरपास और कई रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण किया गया है। यह मार्ग देश के अन्य प्रमुख एक्सप्रेसवे और सड़कों से भी जुड़ता है, जिससे यातायात का दबाव कम होने की उम्मीद है।
इस एक्सप्रेसवे की विशेषता वन्यजीवों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बनाए गए विशेष गलियारे में है। राजाजी राष्ट्रीय उद्यान क्षेत्र में लगभग 12 किलोमीटर लंबा ऊंचा मार्ग बनाया गया है, जिससे जानवरों की आवाजाही प्रभावित नहीं होगी। इसमें हाथियों और अन्य वन्यजीवों के लिए अंडरपास और सुरंगें भी बनाई गई हैं।
इस परियोजना को चार चरणों में पूरा किया गया है, जिसमें विभिन्न हिस्सों में चार से बारह लेन तक की सड़कें बनाई गई हैं। इसके साथ ही आधुनिक यातायात प्रबंधन प्रणाली भी स्थापित की गई है, जिससे सड़क सुरक्षा और यातायात नियंत्रण में सुधार होगा।