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दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर में बाधा दूर, एचटी खंभा गिराया गया

दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के निर्माण में बाधा डाल रहे एक विशाल एचटी खंभे को मुजफ्फरनगर में गिराने की कार्रवाई सफलतापूर्वक की गई। एनएचएआई की टीम ने प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में 24 घंटे की मेहनत के बाद इस खंभे को नियंत्रित तरीके से गिराया। इस प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा के मद्देनज़र हाईवे पर यातायात रोका गया, जिससे दो घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। अब इस बाधा के हटने से निर्माण कार्य में तेजी आने की उम्मीद है।
 

मुजफ्फरनगर में एचटी खंभे को गिराने की कार्रवाई


मुजफ्फरनगर: दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के निर्माण में रुकावट डाल रहे एक विशाल एचटी विद्युत खंभे को 24 घंटे की मेहनत के बाद गिरा दिया गया। यह कार्य एनएचएआई की टीम ने प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में फुगाना क्षेत्र के मेरठ-करनाल रोड पर किया, जहां यह खंभा लंबे समय से निर्माण कार्य में बाधा उत्पन्न कर रहा था।

मेरठ-करनाल हाईवे पर जाम की स्थिति
शनिवार को शुरू हुए इस ऑपरेशन में भारी मशीनों का उपयोग करते हुए लगभग 100 मीटर ऊंचे खंभे को नियंत्रित तरीके से गिराया गया। सुरक्षा के दृष्टिकोण से प्रशासन ने पहले से ही हाईवे के दोनों ओर यातायात रोक दिया था, जिसके कारण मेरठ-करनाल हाईवे पर लगभग दो घंटे तक लंबा जाम लगा रहा। हालांकि, अधिकारियों की सतर्कता के चलते किसी भी प्रकार की जनहानि या दुर्घटना नहीं हुई।

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
इस घटना का एक वीडियो भी किसी व्यक्ति द्वारा रिकॉर्ड किया गया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है। वीडियो में यह स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि टीम ने किस प्रकार सुनियोजित तरीके से इस विशाल खंभे को गिराया।

टीम ने 26 घंटे तक डेरा डाले रखा
एसडीएम बुढ़ाना, कृष्णकांत विश्वकर्मा ने बताया कि यह खंभा कॉरिडोर के रैंप और पैड के बीच में आ रहा था, जिससे निर्माण कार्य बाधित हो रहा था। इसे हटाना अत्यंत आवश्यक था ताकि परियोजना समय पर पूरी हो सके। उन्होंने कहा कि इस ऑपरेशन को सफलतापूर्वक संपन्न करने के लिए प्रशासन, पुलिस और तहसील की टीम ने लगातार 24 से 26 घंटे तक मौके पर डेरा डाले रखा।

निर्माण कार्य में तेजी आएगी
एसडीएम के अनुसार, पूरी कार्रवाई को सुरक्षित और नियंत्रित तरीके से अंजाम दिया गया। रात भर अधिकारी मौके पर मौजूद रहे ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति का सामना किया जा सके। उन्होंने कहा कि अब इस बाधा के हटने के बाद कॉरिडोर का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ सकेगा।