दिल्ली कोर्ट ने भाजपा विधायक को गैर इरादतन हत्या का दोषी ठहराया
भाजपा विधायक पर आरोप और कोर्ट का फैसला
नई दिल्ली: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने शनिवार को बिहार के साहिबगंज से भाजपा विधायक राजू कुमार सिंह को गैर इरादतन हत्या और आर्म्स एक्ट के तहत दोषी ठहराया है। कोर्ट ने उन्हें हिरासत में लेने का आदेश दिया है, जबकि उनकी पत्नी रेनू सिंह और अन्य दो व्यक्तियों को सभी आरोपों से बरी कर दिया गया। यह मामला 31 दिसंबर 2018 को नए साल की पूर्व संध्या पर अर्चना गुप्ता की मृत्यु से संबंधित है, जिसके लिए 1 जनवरी 2019 को फतेहपुर बेरी थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी।
विशेष न्यायाधीश (एमपी-एमएलए) विशाल गोगने ने राजू कुमार सिंह को आर्म्स एक्ट की धारा 304 पार्ट 2 और 30 के तहत दोषी पाया। कोर्ट ने उनकी पत्नी रेनू सिंह, राणा राजेश सिंह और रामेंद्र सिंह को सभी आरोपों से मुक्त कर दिया। सजा पर सुनवाई 9 जून को होगी।
अर्जी खारिज होने के बाद आरोप तय किए गए। 30 अक्टूबर 2023 को कोर्ट ने बरी करने की अर्जी खारिज कर दी थी। कोर्ट ने कहा कि प्रथम दृष्टा साक्ष्यों के आधार पर राजू सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 304 (पार्ट 2) और आर्म्स एक्ट की धारा 30 के तहत आरोप तय किए जा सकते हैं।
आरोप है कि 31 दिसंबर 2018 की रात को शिकायतकर्ता विकास गुप्ता अपनी पत्नी अर्चना गुप्ता और बेटी के साथ नए साल की पार्टी में गए थे। यह पार्टी उनके मित्र संजीव सिंह के फार्म पर आयोजित की गई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि लगभग 12 बजे उनकी पत्नी ने उन्हें गले लगाया और डीजे डांस फ्लोर पर वापस चली गईं।
उन्होंने आगे बताया कि उसी समय उन्होंने सुरक्षाकर्मी हरि सिंह और अपने दोस्त संजीव सिंह के भाई राजू सिंह को अपने-अपने हथियारों से हवा में गोलियां चलाते देखा। लगभग 5 मिनट बाद राजू सिंह ने फिर से गोली चलाई, जिसके बाद उनकी पत्नी अचानक गिर गईं। वे तुरंत उनकी ओर दौड़े और पाया कि वह बेहोश थीं।
पुलिस को पता चला कि नए साल की पार्टी के दौरान एक व्यक्ति को गोली लगी थी। पुलिस ने घटनास्थल पर खून साफ कर दिया गया था। 1 जनवरी 2019 को आईपीसी की धारा 307, 201, 34 और आर्म्स एक्ट की धारा 27 के तहत एफआईआर दर्ज की गई। जांच के दौरान घटनास्थल से .22 कैलिबर के इस्तेमाल किए हुए 2 कारतूस बरामद किए गए।
जांच में यह सामने आया कि गोलीबारी करने वाले दो व्यक्ति राजू सिंह और उनके ड्राइवर हरि सिंह थे। दोनों घटनास्थल से फरार हो गए थे और उन्हें 2 जनवरी 2019 को उत्तर प्रदेश के फाजिल नगर से गिरफ्तार किया गया। राजू सिंह के पास से .22 कैलिबर की पिस्तौल और कुछ जिंदा कारतूस बरामद हुए।
3 जनवरी 2019 को थाने को सूचना मिली कि घायल अर्चना गुप्ता का इलाज के दौरान निधन हो गया। इसके बाद आईपीसी की धारा 307 के स्थान पर धारा 302 लगाई गई। मृतका का पोस्टमार्टम नई दिल्ली के एम्स अस्पताल में किया गया, जिसमें डॉक्टरों ने बताया कि मौत सिर में गोली लगने से हुई है।