×

दिल्ली के होटल में आग: 21 की मौत, मुख्य रसोइया गिरफ्तार

दिल्ली के मालवीय नगर में 'फ्लोरिश स्टे होटल' में आग लगने से 21 लोगों की जान चली गई। इस घटना के बाद होटल के मुख्य रसोइए और मालिक को गिरफ्तार किया गया है। जांच में सुरक्षा नियमों के उल्लंघन का पता चला है, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि होटल बिना आवश्यक प्रमाणपत्र के संचालित हो रहा था। दिल्ली सरकार ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा नियमों की समीक्षा करने का निर्णय लिया है।
 

दिल्ली के होटल में आग की जांच तेज

दक्षिणी दिल्ली के मालवीय नगर में स्थित 'फ्लोरिश स्टे होटल' में लगी भीषण आग की जांच अब तेजी से आगे बढ़ रही है। इस हादसे में 21 लोगों की जान चली गई और 28 अन्य गंभीर रूप से घायल हुए। दिल्ली पुलिस ने शनिवार को इस मामले में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए होटल के मुख्य रसोइए को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए व्यक्ति की पहचान 65 वर्षीय केशव नेगी के रूप में हुई है, जो दिलशाद गार्डन का निवासी है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि केशव नेगी की लापरवाही के कारण रसोई से आग भड़की, जिसने पूरी पांच मंजिला इमारत को अपनी चपेट में ले लिया।


आग से सुरक्षा में खामियां उजागर

3 जून को मालवीय नगर के हौज़ रानी क्षेत्र में स्थित 'फ्लोरिश स्टे होटल' में आग लगी थी। यह आग तेजी से पूरे भवन में फैल गई, जिससे अंदर मौजूद लोग फंस गए। यह हाल के वर्षों में दिल्ली में हुई सबसे घातक आग की घटनाओं में से एक मानी जा रही है।


जांचकर्ताओं ने इमारत में सुरक्षा नियमों के कई उल्लंघनों का पता लगाया है। आरोप है कि होटल बिना आवश्यक 'फायर नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट' (NOC) के संचालित हो रहा था। अधिकारियों ने बताया कि इमारत में केवल एक ही निकासी मार्ग था, खिड़कियां स्थायी रूप से बंद थीं और मुख्य दरवाजा सेंसर से संचालित होता था। इन कारणों से आपात स्थिति में लोगों को बाहर निकालने में कठिनाई हुई।


होटल मालिक की गिरफ्तारी

दिल्ली पुलिस ने घटना के तुरंत बाद होटल के मालिक लवकेश बजाज को गिरफ्तार किया। पुलिस ने बजाज और उनकी पत्नी के खिलाफ 'लुक-आउट सर्कुलर' जारी किया था, जिसके बाद उन्हें पकड़ने के लिए तलाशी अभियान चलाया गया।


उन पर 'भारतीय न्याय संहिता' की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है, जिसमें गैर-इरादतन हत्या, आग से नुकसान पहुंचाना, संपत्ति को नुकसान पहुंचाना, जान जोखिम में डालना और आग से संबंधित लापरवाही शामिल हैं।


साकेत कोर्ट ने इस मामले की आगे की जांच के लिए बजाज को चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। होटल मालिक पर अवैध आप्रवासन में मदद करने के एक अलग मामले में भी कानूनी कार्रवाई चल रही है।


दिल्ली सरकार की कार्रवाई

दिल्ली पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान बजाज ने स्वीकार किया कि उसने पैसे के बदले बांग्लादेशी नागरिक स्वीटी सरकार और उनकी बेटी पुष्पो सरकार को भारतीय पहचान दस्तावेज़ बनाने की अनुमति दी थी।


पुलिस ने बताया कि आरोपी धोखाधड़ी से प्राप्त दस्तावेजों का उपयोग करके दिल्ली में रह रहे थे। जांच के बाद बजाज, स्वीटी सरकार और पुष्पो सरकार को गिरफ्तार कर लिया गया और कोर्ट में चार्जशीट भी दाखिल की गई है।


सुरक्षा नियमों की समीक्षा

इस दुखद घटना के बाद, दिल्ली की मुख्यमंत्री ने राजधानी में आग से सुरक्षा नियमों के पालन की समीक्षा करने और अवैध निर्माणों के खिलाफ एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई।


दिल्ली सरकार ने कहा है कि इस घटना के लिए जिम्मेदार पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी, जिसमें बिल्डिंग के मालिक, अधिकारी और अन्य लोग शामिल हैं जिनकी लापरवाही के कारण जान-माल का नुकसान हुआ।