दिल्ली के स्कूलों के लिए नई फीस नीति: एक महीने से अधिक की फीस नहीं ली जा सकेगी
दिल्ली में स्कूलों के लिए फीस संबंधी निर्देश
दिल्ली के शैक्षणिक संस्थानों को आदेश दिया गया है कि वे एक बार में एक महीने से अधिक की फीस नहीं लें। शिक्षा निदेशालय (DoE) ने नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। इस निर्देश में स्पष्ट किया गया है कि स्कूलों को एक ही किश्त में एक कैलेंडर महीने से अधिक की फीस का भुगतान अनिवार्य नहीं करना चाहिए।
शिक्षा विभाग की अधिसूचना में कहा गया है कि कोई भी विद्यालय किसी भी अभिभावक या संरक्षक को एक कैलेंडर माह से अधिक की फीस एक ही किश्त में देने के लिए बाध्य नहीं करेगा।
अभिभावकों के लिए विकल्प
हालांकि, यदि कोई अभिभावक अपनी इच्छा से और बिना किसी दबाव के एक माह से अधिक की फीस एक ही किश्त में देना चाहता है, तो उन्हें ऐसा करने की अनुमति दी जा सकती है। आदेश में यह भी कहा गया है कि कोई विद्यालय प्रवेश, निरंतर नामांकन या छात्र सेवाओं तक पहुंच के लिए अग्रिम शुल्क का भुगतान अनिवार्य नहीं करेगा।
सभी विद्यालयों को इस आदेश को अपने नोटिस बोर्ड पर प्रमुखता से प्रदर्शित करना होगा और इसे सात कार्य दिवसों के भीतर अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड करना होगा।
कानूनी प्रावधान और उद्देश्य
दिल्ली विद्यालय शिक्षा अधिनियम, 1973 के प्रावधानों का हवाला देते हुए निदेशालय ने चेतावनी दी है कि अनुपालन न करने पर मान्यता रद्द करने या विद्यालय प्रबंधन का अधिग्रहण जैसी गंभीर कार्रवाई की जा सकती है। शिक्षा विभाग ने बताया कि इस कदम का उद्देश्य शिक्षा तक समान पहुंच सुनिश्चित करना और निम्न एवं मध्यम आय वर्ग के अभिभावकों के हितों की रक्षा करना है।