दिल्ली के जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन में बढ़ी तनाव की स्थिति
जंतर-मंतर पर राजनीतिक हलचल
दिल्ली का प्रसिद्ध धरना स्थल 'जंतर-मंतर' एक बार फिर से राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों का केंद्र बन गया है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन के चलते हालात तेजी से बिगड़ते जा रहे हैं। इस बीच, दिल्ली पुलिस के उच्च अधिकारियों ने एक गंभीर और चौंकाने वाला बयान दिया है। पुलिस का कहना है कि CJP का यह प्रदर्शन अब मूल आयोजकों या छात्रों के नियंत्रण में नहीं है, बल्कि बाहरी असामाजिक तत्वों ने इसे अपने कब्जे में ले लिया है।
दिल्ली पुलिस ने बताया कि असामाजिक तत्व छात्रों के बीच घुसकर अचानक पुलिस पर नुकीले पत्थर और बोतलें फेंककर हमला कर रहे हैं, जिससे स्थिति और भी तनावपूर्ण हो जाती है। इस स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने अतिरिक्त अर्धसैनिक बलों को तैनात किया है।
सरकार की कार्रवाई पर सवाल
दिल्ली पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि सरकार ने अभी तक किसी कठोर कार्रवाई के आदेश नहीं दिए हैं और वह छात्रों के साथ बातचीत के माध्यम से समाधान चाहती है। पुलिस ने कहा कि इसी कारण से वे संयम बरत रहे हैं और जवाबी कार्रवाई करने के बजाय अपनी सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
शांति और हिंसा का द्वंद्व
हालांकि, सुबह के समय जंतर-मंतर पर शांति का माहौल है, लेकिन जैसे-जैसे शाम होती है, भीड़ बढ़ जाती है और प्रदर्शन का स्वरूप बदल जाता है। इस दौरान, पुलिस को निशाना बनाना, पत्थरबाज़ी और हिंसा की घटनाएँ बढ़ जाती हैं।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, बुधवार शाम को जंतर-मंतर के पास हुए पत्थरबाज़ी की घटना में दो असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ़ पुलिस (ACP) और चार पुलिसकर्मी घायल हुए हैं।
इंटरनेट सेवाओं का निलंबन
इस बीच, CJP ने आरोप लगाया है कि जंतर-मंतर के आसपास इंटरनेट सेवाएँ बंद कर दी गई हैं, जहाँ उनके समर्थक धरना दे रहे हैं। पार्टी ने सवाल उठाया है कि क्या सरकार आंदोलन के खिलाफ और अधिक पुलिस कार्रवाई की योजना बना रही है। CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को उठाया है।