दिल्ली-एनसीआर में बारिश से गर्मी से मिली राहत
दिल्ली-एनसीआर के निवासियों ने हाल ही में भीषण गर्मी का सामना किया, लेकिन शनिवार को अचानक आई बारिश ने उन्हें राहत प्रदान की। तेज हवाओं के साथ हुई इस बारिश ने मौसम की स्थिति को बदल दिया, जिससे तापमान में भारी गिरावट आई। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि यह बारिश मॉनसून-पूर्व गतिविधियों का संकेत हो सकती है, जिससे आने वाले दिनों में गर्मी की तीव्रता कम हो सकती है। जानें इस मौसम के बदलाव के बारे में अधिक जानकारी।
May 23, 2026, 10:07 IST
दिल्ली में मौसम में बदलाव
दिल्ली-एनसीआर के निवासियों ने पिछले कुछ दिनों से भीषण गर्मी और उच्च तापमान का सामना किया, लेकिन शनिवार (23 मई 2026) को अचानक आई बारिश ने उन्हें राहत प्रदान की। तेज हवाओं के साथ हुई इस बारिश ने मौसम की स्थिति को पूरी तरह से बदल दिया। चिलचिलाती धूप और लू से परेशान लोगों के लिए यह मॉनसून-पूर्व बौछारें एक बड़ी राहत बनकर आईं। शनिवार की सुबह तेज धूप और उमस के साथ शुरू हुई, लेकिन दोपहर होते-होते आसमान में काले बादल छा गए। इसके बाद दिल्ली के कई क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश शुरू हो गई, जिससे तापमान में भारी गिरावट आई।
गर्मी की स्थिति
दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से लू जैसी स्थिति बनी हुई थी, जहाँ तापमान लगातार 43 डिग्री सेल्सियस के पार जा रहा था। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, शुक्रवार को दिल्ली, हरियाणा और पंजाब के कुछ हिस्सों में लू जैसी स्थितियाँ देखी गईं।
सफदरजंग मौसम केंद्र, जो दिल्ली के मौसम का आधिकारिक पैमाना है, ने शुक्रवार को अधिकतम तापमान 43.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया, जो सामान्य से तीन डिग्री अधिक था। न्यूनतम तापमान 29.3 डिग्री सेल्सियस रहा।
अन्य क्षेत्रों में तापमान
शहर के अन्य हिस्सों में भी तापमान काफी अधिक रहा। रिज क्षेत्र में 44.4 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जबकि पालम, लोधी रोड और आयानगर में तापमान 43 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा। मौसम विभाग ने पहले ही दिल्ली-एनसीआर के कुछ हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं का पूर्वानुमान जारी किया था, और मॉनसून-पूर्व गतिविधियों के कारण मौसम में बदलाव की चेतावनी दी थी।
बारिश से राहत
शनिवार को हुई अचानक बारिश ने उन यात्रियों और निवासियों को राहत दी, जो लंबे समय से लू जैसी स्थितियों का सामना कर रहे थे।
मॉनसून-पूर्व गतिविधियों की संभावना
मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि ये बदलाव उत्तरी भारत में मॉनसून-पूर्व गतिविधियों की शुरुआत का संकेत हो सकते हैं। स्काईमेट वेदर के महेश पालावत के अनुसार, जून की शुरुआत से मॉनसून-पूर्व गतिविधियों में तेजी आने की संभावना है, जिससे गर्मी की तीव्रता को कम करने में मदद मिल सकती है। आसमान में बादल छाए रहने और रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना को देखते हुए, दिल्ली के निवासियों को गर्मी से कुछ समय के लिए राहत मिल सकती है।