दिल्ली-एनसीआर में H1N1 इन्फ्लूएंजा के मामलों में वृद्धि, डॉक्टरों ने दी चेतावनी
दिल्ली-एनसीआर में H1N1 इन्फ्लूएंजा का बढ़ता खतरा
हाल के हफ्तों में, दिल्ली-एनसीआर में मानसून की बारिश और मौसम में बदलाव के चलते H1N1 इन्फ्लूएंजा के मामलों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। चिकित्सकों का कहना है कि बुखार, खांसी, सर्दी और सांस से संबंधित समस्याओं वाले मरीजों की संख्या में इजाफा हुआ है।
गुरुग्राम के फोर्टिस मेमोरियल रिसर्च इंस्टीट्यूट के इंटरनल मेडिसिन के प्रमुख, डॉ. सतीश कौल ने बताया कि पिछले तीन-चार हफ्तों में अस्पतालों में सांस से जुड़ी समस्याओं वाले मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि रोजाना OPD में 7-10 मरीज H1N1 के लक्षणों के साथ आ रहे हैं। COVID-19 के मामलों में भी हल्की बढ़ोतरी देखी गई है। हालांकि, डॉक्टरों का कहना है कि अधिकांश H1N1 संक्रमण हल्के होते हैं और बुखार आमतौर पर तीन से पांच दिनों में ठीक हो जाता है।
डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि बुजुर्गों, छोटे बच्चों और पहले से मौजूद स्वास्थ्य समस्याओं जैसे डायबिटीज, उच्च रक्तचाप और हृदय रोग से ग्रसित लोगों में गंभीर जटिलताओं का खतरा अधिक होता है।
मौसम में बदलाव और इन्फ्लूएंजा का संबंध
दिल्ली के AIIMS में मेडिसिन के प्रोफेसर डॉ. संजीव सिन्हा ने इन्फ्लूएंजा के मामलों में वृद्धि का कारण मानसून के दौरान तापमान में बदलाव को बताया। उन्होंने कहा कि इस मौसम में तापमान गिरने से इन्फ्लूएंजा वायरस का प्रसार बढ़ गया है। मरीजों में गले में खराश, नाक बहना, सूखी खांसी और सिरदर्द जैसी समस्याएं देखी जा रही हैं।
डॉ. सिन्हा ने बताया कि कमजोर इम्यूनिटी वाले लोग, जैसे बुजुर्ग और जिनमें क्रोनिक किडनी, डायबिटीज और उच्च रक्तचाप जैसी समस्याएं हैं, वे जल्दी संक्रमित हो सकते हैं।
H1N1 से बचाव के उपाय
डॉ. सिन्हा ने H1N1 से प्रभावित लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। उन्होंने कहा, "यदि आपको यह संक्रमण हो जाए, तो दो-तीन दिन के लिए घर पर आइसोलेट रहें और फेस मास्क का उपयोग करें। संक्रमण के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।"
सर गंगा राम अस्पताल के इंटरनल मेडिसिन के चेयरपर्सन डॉ. अतुल कक्कड़ ने बताया कि दिल्ली में वायरल रेस्पिरेटरी इन्फेक्शन के मामलों में मौसमी वृद्धि देखी जा रही है और कई मरीजों में फ्लू जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं।