दिल्ली उच्च न्यायालय में खान सर और अंजना ओम कश्यप के बीच मानहानि का मामला
दिल्ली उच्च न्यायालय में वरिष्ठ पत्रकार अंजना ओम कश्यप ने लोकप्रिय शिक्षक खान सर के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया है। यह विवाद खान सर की कुछ टिप्पणियों के कारण उत्पन्न हुआ है, जिन्हें पत्रकार और मीडिया नेटवर्क ने मानहानिकारक माना है। याचिका में आपत्तिजनक सामग्री को हटाने और हर्जाने की मांग की गई है। इस मामले की सुनवाई न्यायालय में होने वाली है, जो शिक्षा और मीडिया के बीच के संबंधों पर महत्वपूर्ण सवाल उठाती है।
Jun 7, 2026, 20:20 IST
मानहानि का मुकदमा दिल्ली उच्च न्यायालय में
शिक्षा और मीडिया के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण विवाद अब न्यायालय के समक्ष पहुंच चुका है। वरिष्ठ पत्रकार अंजना ओम कश्यप और एक मीडिया नेटवर्क ने प्रसिद्ध शिक्षक फैसल खान, जिन्हें आमतौर पर खान सर के नाम से जाना जाता है, के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय में मानहानि का मुकदमा दायर किया है।
मुकदमे का आधार
इस मुकदमे की वजह खान सर द्वारा की गई कुछ टिप्पणियाँ बताई जा रही हैं। याचिका में आरोप लगाया गया है कि खान सर ने पत्रकार और समाचार संस्थान के खिलाफ ऐसे शब्दों का प्रयोग किया, जिससे उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है। याचिकाकर्ताओं ने इन टिप्पणियों को विभिन्न सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफार्मों से हटाने की मांग की है।
सुनवाई की प्रक्रिया
इस मामले की सुनवाई दिल्ली उच्च न्यायालय की अवकाश पीठ में होगी, जिसमें न्यायमूर्ति नीना बंसल कृष्णा शामिल होंगी।
विवाद की उत्पत्ति
यह विवाद राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा, जिसे चिकित्सा प्रवेश परीक्षा के रूप में जाना जाता है, से जुड़ी बहस से शुरू हुआ। इस चर्चा के दौरान अंजना ओम कश्यप ने कुछ ऑनलाइन शिक्षकों और डिजिटल शिक्षा सामग्री निर्माताओं पर सवाल उठाए थे। रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने ऐसे व्यक्तियों को केवल दर्शक संख्या बढ़ाने के उद्देश्य से काम करने वाला बताया था।
खान सर की टिप्पणियाँ
इसके बाद, खान सर ने कुछ टिप्पणियाँ कीं, जिन्हें अंजना ओम कश्यप और मीडिया नेटवर्क ने मानहानिकारक माना। याचिका में कहा गया है कि इन टिप्पणियों ने न केवल पत्रकार की बल्कि समाचार संस्थान की सार्वजनिक छवि को भी प्रभावित किया है।
न्यायालय से अनुरोध
याचिकाकर्ताओं ने न्यायालय से अनुरोध किया है कि कथित आपत्तिजनक सामग्री को तुरंत हटाने का आदेश दिया जाए। इसके साथ ही, उन्होंने दो करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग भी की है, यह कहते हुए कि सार्वजनिक मंचों पर की गई टिप्पणियों से उनकी साख को नुकसान पहुंचा है।
सामाजिक मीडिया का प्रभाव
हाल के वर्षों में, सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफार्मों के बढ़ते प्रभाव के कारण सार्वजनिक व्यक्तियों, शिक्षकों, पत्रकारों और प्रभावशाली हस्तियों के बीच विवादों की संख्या में वृद्धि हुई है। कई मामलों में अदालतों को यह तय करना पड़ता है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और व्यक्तिगत प्रतिष्ठा के अधिकार के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए।
खान सर और अंजना ओम कश्यप की पहचान
फैसल खान, जिन्हें खान सर के नाम से जाना जाता है, देश के सबसे लोकप्रिय शिक्षकों में से एक हैं। उनके शैक्षणिक वीडियो लाखों छात्रों द्वारा देखे जाते हैं। वहीं, अंजना ओम कश्यप भारतीय समाचार जगत की प्रमुख पत्रकारों में से एक हैं और वे लंबे समय से राष्ट्रीय मुद्दों पर कार्यक्रमों का संचालन कर रही हैं।
आगे की सुनवाई
इस मामले में अदालत की कार्यवाही पर सभी पक्षों की नजर बनी हुई है। आने वाले दिनों में सुनवाई के दौरान यह स्पष्ट होगा कि न्यायालय इस विवाद को किस प्रकार देखता है और कथित टिप्पणियों के संबंध में क्या निर्देश जारी करता है। इस प्रकार, यह मामला शिक्षा, मीडिया और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़ी बहस का एक महत्वपूर्ण विषय बना हुआ है।