दिल्ली अदालत ने बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर को यौन उत्पीड़न मामले में बरी किया
दिल्ली की अदालत का फैसला
नई दिल्ली, 3 अगस्त: दिल्ली की एक अदालत ने सोमवार को भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह और सह-आरोपी विनोद तोमर को छह महिला पहलवानों द्वारा दायर यौन उत्पीड़न के मामले में बरी कर दिया। इस मामले की प्रमुख घटनाओं का विवरण इस प्रकार है:
23 अप्रैल, 2023: महिला पहलवानों ने बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर धरना शुरू किया। 25 अप्रैल, 2023: उच्चतम न्यायालय ने सात महिला पहलवानों की याचिका पर संज्ञान लेते हुए दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया।
28 अप्रैल, 2023: दिल्ली पुलिस ने कनॉट प्लेस थाने में बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ दो प्राथमिकी दर्ज कीं। 4 मई, 2023: उच्चतम न्यायालय ने कहा कि प्राथमिकी दर्ज हो चुकी हैं और पुलिस को शिकायतकर्ता महिला पहलवानों को सुरक्षा प्रदान करने का निर्देश दिया।
15 जून, 2023: दिल्ली पुलिस ने बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर के खिलाफ यौन उत्पीड़न सहित भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत आरोपपत्र दाखिल किया। हालांकि, नाबालिग महिला पहलवान द्वारा दर्ज प्राथमिकी में पुलिस ने जांच के बाद ‘क्लोजर रिपोर्ट’ पेश की। 4 जुलाई, 2023: सत्र अदालत ने क्लोजर रिपोर्ट पर नाबालिग महिला पहलवान और उसके पिता से जवाब मांगा।
7 जुलाई, 2023: दिल्ली उच्च न्यायालय ने नाबालिग महिला पहलवान को अदालत की निगरानी में जांच कराने संबंधी अपनी याचिका वापस लेने की अनुमति दी। उसी दिन, दिल्ली की अदालत ने आरोपपत्र का संज्ञान लिया और बृजभूषण शरण सिंह तथा विनोद तोमर को 18 जुलाई को अदालत में पेश होने का निर्देश दिया। 18 जुलाई, 2023: दोनों आरोपी अदालत में पेश हुए और उन्हें दो दिन की अंतरिम जमानत मिली।
20 जुलाई, 2023: दोनों आरोपियों को नियमित जमानत दी गई। 21 मई, 2024: अदालत ने बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ यौन उत्पीड़न, आपराधिक धमकी और महिला की लज्जा भंग करने के आरोप तय किए। वहीं, विनोद तोमर के खिलाफ आपराधिक धमकी का आरोप तय किया गया।
हालांकि, छह महिला पहलवानों में से एक की शिकायत में पर्याप्त साक्ष्य न होने के कारण अदालत ने बृजभूषण शरण सिंह को उस शिकायत से मुक्त कर दिया। 1 जून, 2024: मामले की सुनवाई शुरू हुई। 26 मई, 2025: अदालत ने उस महिला पहलवान द्वारा दर्ज यौन उत्पीड़न के मामले में दिल्ली पुलिस की क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार करते हुए मामला बंद कर दिया।
2 जुलाई, 2026: अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया। 3 अगस्त, 2026: अदालत ने बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर को बरी कर दिया।