दिल्ली अदालत ने IRCTC होटल घोटाले में आरोप तय करने की सुनवाई टाली
दिल्ली की अदालत ने IRCTC होटल घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ आरोप तय करने की प्रक्रिया को 9 जून तक स्थगित कर दिया है। ईडी ने आरोप लगाया है कि लालू प्रसाद यादव के रेल मंत्री रहते हुए अनियमितताएं हुईं, जिसमें होटल संचालन के ठेके एक निजी कंपनी को दिए गए थे। इसके अलावा, आरोप है कि उनके परिवार के सदस्यों के माध्यम से एक बेनामी कंपनी के जरिए महत्वपूर्ण जमीन अधिग्रहित की गई।
May 22, 2026, 12:17 IST
IRCTC होटल घोटाले की सुनवाई में देरी
दिल्ली की एक अदालत ने IRCTC होटल घोटाले से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में राष्ट्रीय जनता दल के नेता लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ आरोप तय करने की प्रक्रिया को आज 9 जून तक के लिए स्थगित कर दिया। यह मामला प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा जांच किया जा रहा है और यह केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दर्ज किए गए एक मूल अपराध पर आधारित है।
ईडी के आरोप
ईडी का कहना है कि लालू प्रसाद यादव के रेल मंत्री रहते हुए 2004 से 2009 के बीच IRCTC होटलों के संचालन के ठेके में अनियमितताएं हुईं। एजेंसी के अनुसार, होटल रखरखाव के ठेके एक निजी कंपनी को दिए गए थे, जो निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन नहीं करती थी। यह कंपनी आरजेडी प्रमुख के करीबी सहयोगियों से जुड़ी हुई बताई जाती है।
बेनामी संपत्ति का आरोप
जांच एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया है कि लालू प्रसाद यादव के परिवार के सदस्यों और सहयोगियों के माध्यम से एक बेनामी कंपनी के जरिए लगभग तीन एकड़ की महत्वपूर्ण जमीन अधिग्रहित की गई। इस मामले में शामिल व्यक्तियों में लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी, बेटे तेजस्वी यादव और तेज प्रताप यादव, तथा बेटियां मीसा भारती और हेमा यादव शामिल हैं।