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दिलजीत दोसांझ ने कनाडा में खालिस्तान समर्थकों को दिया जवाब

दिलजीत दोसांझ ने अपने ऑरा वर्ल्ड टूर के दौरान कनाडा में खालिस्तान समर्थकों के खिलाफ अपनी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने स्टेज से कहा कि उनका उद्देश्य पंजाब के मुद्दों को उठाना है, न कि चैरिटी करना। इसके अलावा, उन्होंने 'कौन बनेगा करोड़पति' में अपने विवाद पर भी सफाई दी, जहां उन्हें खालिस्तान समर्थकों से धमकियां मिलीं। जानिए दिलजीत के इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी।
 

दिलजीत का कनाडा कॉन्सर्ट और खालिस्तान समर्थकों का विरोध

सिंगर और अभिनेता दिलजीत दोसांझ ने अपने ऑरा वर्ल्ड टूर के दौरान कनाडा के कैलगरी में खालिस्तान समर्थकों के प्रति अपनी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने स्टेज से उन समर्थकों को जवाब देते हुए कहा कि वे अपने झंडे और पोस्टर लेकर वहां से चले जाएं। दिलजीत ने यह भी स्पष्ट किया कि वह पिछले साल अमिताभ बच्चन के शो 'कौन बनेगा करोड़पति' में गेस्ट बनने का कारण बताना चाहते थे। खालिस्तान समर्थकों ने उन पर आरोप लगाया था कि उन्होंने अमिताभ बच्चन के पैर छुए, जिन पर 1984 के सिख दंगों के दौरान हिंसा भड़काने का आरोप है।



दिलजीत ने कॉन्सर्ट को बीच में रोकते हुए पंजाबी में कहा कि उनका काम चैरिटी करना नहीं है, लेकिन वह हमेशा पंजाब के मुद्दों को उठाते हैं। उन्होंने कहा, "हमेशा कहते हैं कि नेशनल मीडिया पंजाब की बात नहीं करता, इसलिए मैं हर जगह गया, यहां तक कि उस चैनल पर भी, सिर्फ पंजाब के लिए।"


दिलजीत ने 2025 में 'केबीसी' में भाग लिया था, जहां उन्होंने पंजाब में आई बाढ़ के बाद राहत कार्यों के लिए दान की अपील की थी। उन्होंने खुद भी इस कार्य में मदद की थी। इसके अलावा, उन्होंने जिमी फैलन के शो में भी पंजाब और गुरु नानक की जहाज वाली घटना के बारे में बात की।


उन्होंने कहा, "मैं वहां किसी फिल्म या गाने का प्रचार करने नहीं गया था। मेरा उद्देश्य पंजाब और उससे जुड़े मुद्दों को दुनिया के सामने लाना था।"


केबीसी में दिलजीत का विवाद

पिछले साल अक्टूबर में दिलजीत दोसांझ 'केबीसी 17' में दिखाई दिए थे, जहां उन्होंने अमिताभ बच्चन के पैर छुए थे। इस दौरान अमिताभ ने उनकी तारीफ करते हुए उन्हें 'पंजाब दा पुत्तर' कहा।


दिलजीत ने शो पर अपनी आगामी फिल्म 'चमकीला' के गाने 'मैं हूं पंजाब' पर प्रदर्शन किया था। लेकिन एपिसोड के प्रसारण के बाद उन्हें सिख्स फॉर जस्टिस नामक संगठन से धमकियां मिलीं, जिसे खालिस्तान समर्थक समूहों से जोड़ा जाता है।