दतिया उपचुनाव में बीजेपी के टिकट विवाद ने बढ़ाई राजनीतिक हलचल
बीजेपी में टिकट वितरण पर विवाद
मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में टिकट वितरण को लेकर एक बड़ा विवाद उत्पन्न हुआ है। पार्टी ने पूर्व गृह मंत्री और प्रमुख नेता डॉ. नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार घोषित किया, जिससे उनके समर्थकों में आक्रोश फैल गया। नाराज कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय राजमार्ग NH-44 पर प्रदर्शन करते हुए लगभग 12 घंटे तक जाम लगा दिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प भी हुई, जिससे क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया।
समर्थकों का गुस्सा
जैसे ही बीजेपी ने उम्मीदवारों की सूची जारी की, दतिया में राजनीतिक हलचल तेज हो गई। नरोत्तम मिश्रा का नाम सूची से गायब होने पर उनके समर्थकों ने इसे पार्टी का गलत निर्णय बताया। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए और पार्टी नेतृत्व के खिलाफ नारेबाजी करने लगे।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि नरोत्तम मिश्रा लंबे समय से दतिया की राजनीति का प्रमुख चेहरा रहे हैं और उनके स्थान पर नया उम्मीदवार उतारना कार्यकर्ताओं की भावनाओं के खिलाफ है।
NH-44 पर जाम
विरोध प्रदर्शन के दौरान समर्थकों ने आगरा-मुंबई राष्ट्रीय राजमार्ग NH-44 पर धरना देकर यातायात पूरी तरह रोक दिया। हाईवे पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यात्रियों को घंटों तक परेशानी का सामना करना पड़ा। कई एंबुलेंस और आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहन भी जाम में फंस गए।
करीब 12 घंटे तक चले इस प्रदर्शन के कारण प्रशासन को यातायात डायवर्ट करना पड़ा। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने कई बार प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर रास्ता खाली करने की अपील की, लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे।
पुलिस और समर्थकों के बीच झड़प
स्थिति तब और तनावपूर्ण हो गई जब पुलिस ने जाम हटाने की कोशिश की। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की और तीखी झड़प हुई। कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड हटाने का प्रयास किया, जबकि पुलिस ने उन्हें नियंत्रित करने की कोशिश की। काफी देर तक दोनों पक्षों के बीच तनावपूर्ण माहौल बना रहा।
बाद में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद स्थिति पर नियंत्रण पाया गया। पुलिस ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की और धीरे-धीरे यातायात सामान्य कराया गया।
निर्दलीय चुनाव लड़ने की चर्चाएं
टिकट कटने के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी तेज हो गई कि नरोत्तम मिश्रा निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव मैदान में उतर सकते हैं। विपक्षी दलों ने भी इस घटनाक्रम को लेकर बीजेपी पर निशाना साधा और इसे पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष का संकेत बताया।
हालांकि, बाद में नरोत्तम मिश्रा ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश बीजेपी अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और संगठन के वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की। बैठक के बाद उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन उनके लिए सर्वोपरि है और वह पार्टी के अधिकृत उम्मीदवार के समर्थन में चुनाव प्रचार करेंगे।
समर्थकों से शांति बनाए रखने की अपील
बैठक के बाद नरोत्तम मिश्रा ने अपने समर्थकों से संयम बरतने और किसी भी प्रकार के विरोध प्रदर्शन से बचने की अपील की। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में पार्टी का निर्णय सर्वोपरि होता है और सभी कार्यकर्ताओं को संगठन के फैसले का सम्मान करना चाहिए।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि वह बीजेपी प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के नामांकन में शामिल होंगे और चुनाव प्रचार में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। उनके इस बयान के बाद पार्टी के भीतर जारी बगावत की अटकलों पर काफी हद तक विराम लग गया।
विपक्ष ने साधा निशाना
दतिया में हुए इस घटनाक्रम के बाद कांग्रेस ने बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि टिकट वितरण को लेकर पार्टी के अंदर भारी असंतोष है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि बीजेपी के फैसलों से उसके पुराने और समर्पित कार्यकर्ता खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।
वहीं बीजेपी का कहना है कि पार्टी पूरी तरह एकजुट है और सभी कार्यकर्ता अधिकृत उम्मीदवार की जीत सुनिश्चित करने के लिए मिलकर काम करेंगे।
उपचुनाव पर सबकी नजर
दतिया विधानसभा उपचुनाव अब केवल एक सीट का चुनाव नहीं रह गया है, बल्कि यह बीजेपी की संगठनात्मक एकजुटता और नेतृत्व की परीक्षा भी माना जा रहा है। टिकट विवाद और उसके बाद हुए विरोध प्रदर्शन ने इस सीट को प्रदेश की सबसे चर्चित चुनावी लड़ाइयों में शामिल कर दिया है।
मुख्य बातें
- बीजेपी ने दतिया उपचुनाव में नरोत्तम मिश्रा की जगह आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया।
- टिकट कटने से नाराज समर्थकों ने NH-44 पर करीब 12 घंटे तक जाम लगाया।
- प्रदर्शन के दौरान पुलिस और समर्थकों के बीच तीखी झड़प हुई।
- यातायात घंटों प्रभावित रहा और प्रशासन को मोर्चा संभालना पड़ा।
- बाद में नरोत्तम मिश्रा ने संगठन के फैसले का सम्मान करते हुए बीजेपी उम्मीदवार के समर्थन में प्रचार करने का ऐलान किया।
- दतिया उपचुनाव से पहले टिकट विवाद ने प्रदेश की राजनीति को गरमा दिया है।