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त्यौहारों के दौरान खाद्य सुरक्षा को लेकर सख्त कदम उठाए जाएंगे

जयपुर में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख सचिव ने त्यौहारों के दौरान खाद्य सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मिलावटखोरों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए। इसके साथ ही, बिना पर्ची वाली दवाओं की नियमित सैंपलिंग भी की जाएगी। जानें इस बैठक में और क्या निर्णय लिए गए हैं।
 

खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान


जोखिम वाले खाद्य पदार्थों और क्षेत्रों पर विशेष निगरानी


बिना पर्ची वाली दवाओं की भी होगी नियमित सैंपलिंग, मानकविहीन दवाओं पर तत्काल कार्रवाई


जयपुर। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव, श्रीमती गायत्री राठौड़ ने त्यौहारों के दौरान आम जनता को सुरक्षित और उच्च गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए मिलावटखोरों के खिलाफ कठोर कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्तालय की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए कि खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए जोखिम आधारित जांच और प्रभावी सैंपलिंग सुनिश्चित की जाए।


श्रीमती राठौड़ ने कहा कि त्यौहारों के समय जिन खाद्य पदार्थों में मिलावट की संभावना अधिक होती है, उन पर विशेष ध्यान दिया जाए। खाद्य सुरक्षा अधिकारी को सक्रिय रहना चाहिए और मिलावटी या असुरक्षित खाद्य पदार्थ मिलने पर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।


उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि सैंपल लेने के बाद उनकी जांच समय पर पूरी हो, ताकि मिलावट पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति या प्रतिष्ठान के खिलाफ कार्रवाई में कोई देरी न हो। विभाग का मुख्य उद्देश्य आम जनता की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना है।


बैठक में बिना डॉक्टर की पर्ची के मिलने वाली ओटीसी (बिना पर्ची वाली दवाएँ) की सैंपलिंग को प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए गए। इन दवाओं की नियमित जांच की जाएगी ताकि उनकी गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके।


यदि कोई दवा निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई जाती है, तो उसकी जांच और कानूनी कार्रवाई में कोई देरी नहीं की जाएगी। संबंधित पक्ष की जिम्मेदारी तय कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।


श्रीमती राठौड़ ने खाद्य एवं औषधि सुरक्षा से संबंधित मामलों की नियमित मॉनिटरिंग की आवश्यकता पर भी जोर दिया। लंबित मामलों में आवश्यक दस्तावेज और साक्ष्य समय पर उपलब्ध कराने के लिए कहा गया, ताकि मामलों का शीघ्र निस्तारण हो सके।


उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से आम जनता को खाद्य एवं औषधि सुरक्षा के बारे में जागरूक करने पर भी जोर दिया। लोगों को मिलावटी और असुरक्षित खाद्य पदार्थों की पहचान, खाद्य सामग्री के सही भंडारण और दवाओं के सुरक्षित उपयोग के बारे में जानकारी दी जाएगी।


बैठक में आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण डॉ. टी. शुभमंगला, अतिरिक्त आयुक्त श्री भगवत सिंह, औषधि नियंत्रक श्री अजय पाठक और अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।