तेलंगाना में निज़ामाबाद का नाम बदलने का भाजपा का प्रस्ताव: राजनीतिक विवाद की नई लहर
भाजपा का नाम बदलने का प्रस्ताव
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तेलंगाना में निज़ामाबाद जिले का नाम बदलकर इंदूर करने का प्रस्ताव पेश किया है, जिससे राजनीतिक चर्चाएँ फिर से तेज हो गई हैं। निज़ामाबाद के सांसद धर्मपुरी अरविंद ने हाल ही में कहा कि भाजपा इस जिले का नाम बदलेगी, क्योंकि निज़ाम काल से जुड़े नाम एक दुखद अतीत का प्रतीक हैं। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसे नाम दमन और पीड़ा का संकेत देते हैं, और इन्हें बदलकर सांस्कृतिक गर्व और राष्ट्रवादी पहचान को दर्शाने वाले नामों से प्रतिस्थापित किया जाना चाहिए।
भाजपा के समर्थन में बयान
तेलंगाना भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रामचंद्र राव ने इस बयान का समर्थन करते हुए कहा कि पार्टी अपने निज़ामाबाद सांसद के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा सत्ता में आती है, तो निज़ामाबाद का नाम इंदूर रखा जाएगा। राव ने यह भी बताया कि यह प्रस्ताव केवल निज़ामाबाद तक सीमित नहीं है, बल्कि तेलंगाना के कई स्थानों के नाम आज भी निज़ाम शासन से जुड़े हैं, जो अत्याचारों की याद दिलाते हैं।
कांग्रेस की आलोचना
कांग्रेस ने इन बयानों की कड़ी निंदा की है। पूर्व सांसद हनुमंत राव ने धर्मपुरी अरविंद पर नए विवाद खड़े करने और देश को बांटने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि निज़ामाबाद के पुराने नाम अलग-अलग थे और स्वतंत्रता के बाद कई सरकारें आईं, लेकिन किसी ने भी शहर का नाम नहीं बदला। राव ने आरोप लगाया कि भाजपा जानबूझकर विवाद पैदा कर रही है।
भाजपा की चेतावनी
रामचंद्र राव ने चेतावनी दी कि ऐसे बयानों से कानून-व्यवस्था की समस्याएँ उत्पन्न हो सकती हैं और तेलंगाना सरकार से इस मुद्दे पर ध्यान देने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि इसी तरह की मांगें उठाई जा सकती हैं, जैसे चारमीनार या उस्मानिया विश्वविद्यालय के नाम बदलने की। राव ने भाजपा पर चुनावी लाभ के लिए पहचान आधारित राजनीति करने का आरोप लगाया और कहा कि भारत विविध संस्कृतियों और धर्मों का देश है।