तेलंगाना में चुनावी आयु में कमी का प्रस्ताव: भाजपा अध्यक्ष की प्रतिक्रिया
भाजपा अध्यक्ष का बयान
हैदराबाद, 27 जुलाई: भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के तेलंगाना प्रदेश अध्यक्ष एन. रामचंदर राव ने मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी द्वारा लोकसभा और विधानसभा चुनावों के लिए न्यूनतम आयु 25 वर्ष से घटाकर 21 वर्ष करने के प्रस्ताव को 'लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश' बताया। राव ने कहा कि डॉ. बी.आर. आंबेडकर और संविधान निर्माताओं ने सोच-समझकर यह आयु सीमा निर्धारित की थी, ताकि जनप्रतिनिधियों के पास पर्याप्त अनुभव हो। उन्होंने आरोप लगाया कि रेवंत रेड्डी युवाओं से किए गए वादों को पूरा करने में असफल होने के कारण 'भटकाव की राजनीति' कर रहे हैं।
युवाओं को अवसर देने की आवश्यकता
राव ने कहा कि यदि कांग्रेस वास्तव में युवाओं को अवसर देने के प्रति गंभीर है, तो उसे मल्लिकार्जुन खरगे के स्थान पर किसी युवा नेता को पार्टी का अध्यक्ष बनाना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि भाजपा ने युवा नेता नितिन नवीन को पार्टी अध्यक्ष बनाया है। राव ने आरोप लगाया कि पिछले ढाई वर्षों में कांग्रेस सरकार ने युवाओं से किए गए किसी भी प्रमुख वादे को पूरा नहीं किया है।
छात्रों की समस्याएं
उन्होंने यह भी कहा कि ट्यूशन फीस प्रतिपूर्ति योजना के तहत लगभग 20 लाख छात्र परेशान हैं, क्योंकि कई कॉलेजों ने बकाया भुगतान न मिलने के कारण छात्रों के शैक्षणिक प्रमाणपत्र रोक रखे हैं। प्रदेश भाजपा प्रमुख ने यह भी बताया कि राज्य के 17 सरकारी विश्वविद्यालय गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं, जो धन और शिक्षकों की भारी कमी से प्रभावित हैं।
कांग्रेस के चुनावी वादे
राव ने कहा कि कांग्रेस के चुनावी वादे, जैसे हर महीने 4,000 रुपये का बेरोजगारी भत्ता, कॉलेज की छात्राओं को मुफ्त स्कूटी, युवा आयोग का गठन और निजी क्षेत्र की नौकरियों में स्थानीय लोगों के लिए 75 प्रतिशत आरक्षण, अब तक पूरे नहीं हुए हैं।
प्रधानमंत्री मोदी का योगदान
उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में युवाओं के विश्वास के कारण भाजपा आज देश की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बनकर उभरी है। मुख्यमंत्री रेड्डी ने 25 जुलाई को घोषणा की थी कि उनकी सरकार जल्द ही विधानसभा का विशेष सत्र बुलाकर एक प्रस्ताव पारित करेगी, जिसमें केंद्र सरकार से लोकसभा और विधानसभा चुनावों के लिए न्यूनतम आयु 25 वर्ष से घटाकर 21 वर्ष करने का आग्रह किया जाएगा।